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Delhi दिल्ली। भारत में पूंजीगत खर्च यानी कैपेक्स में फिर से बढ़ोतरी के संकेत दिखने लगे हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि अगले दो से तीन वर्षों में निवेश से जुड़े कई सेक्टरों में अच्छी बढ़त देखने को मिल सकती है। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की इंडिया इक्विटी स्ट्रैटेजी 2026 रिपोर्ट के अनुसार, देश की आर्थिक स्थिति में सुधार, सरकारी नीतियों का समर्थन और कंपनियों व आम लोगों द्वारा बढ़ता निवेश कैपेक्स की वापसी की मजबूत नींव बना रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अब निवेश केवल सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी कंपनियां भी फिर से धीरे-धीरे निवेश करना शुरू कर रही हैं, जो कि अर्थव्यवस्था के लिए एक अच्छा संकेत है।
इस निवेश बढ़ोतरी से डिफेंस सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है। रक्षा बजट में बढ़ोतरी, बड़ी संख्या में नए ऑर्डर और आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम के तहत देश में ही रक्षा सामान बनाने (स्वदेशीकरण) पर जोर से डिफेंस कंपनियों की कमाई आने वाले कई वर्षों तक मजबूत रह सकती है। इसके अलावा, डिफेंस सेक्टर में निर्यात के मौके भी बढ़ रहे हैं, जिससे इसकी ग्रोथ और तेज हो सकती है। कैपिटल गुड्स कंपनियों की कमाई में भी तेज सुधार की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन कंपनियों को नए ऑर्डर मिल रहे हैं और उनकी फैक्ट्रियां पहले से ही अच्छी क्षमता पर चल रही हैं। ऐसे में थोड़ी सी बिक्री बढ़ने पर भी मुनाफा तेजी से बढ़ सकता है।
वहीं, इस क्षेत्र के कुछ हिस्सों में इन कंपनियों के शेयरों की कीमतें पहले गिरी थीं, जिससे अब निवेश के अच्छे मौके बन रहे हैं। औद्योगिक और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियों को भी फायदा मिलेगा। भारत में निवेश बढ़ने के साथ-साथ दुनिया की बड़ी कंपनियां अब चीन पर निर्भरता कम करना चाहती हैं और भारत को एक अच्छे मैन्युफैक्चरिंग केंद्र के रूप में देख रही हैं। इस बदलाव से मशीनों, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमेशन से जुड़ी सेवाओं की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार का इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च लगातार जारी है, लेकिन निजी निवेश की वापसी एक बड़ा सकारात्मक बदलाव है। इससे सड़क, रेलवे, बिजली और शहरी विकास से जुड़ी कंपनियों को खास फायदा मिलेगा। कम ब्याज दरें, घर खरीदना आसान होना और लोगों का बढ़ता निवेश हाउसिंग सेक्टर को भी सहारा दे रहा है। इससे रियल एस्टेट कंपनियों और सीमेंट व निर्माण सामग्री बनाने वाली कंपनियों को फायदा हो सकता है। आमतौर पर ये सेक्टर कैपेक्स चक्र के बाद के चरण में तेजी पकड़ते हैं, लेकिन जब काम तेजी से शुरू होता है, तो इनमें ग्रोथ भी तेजी से होती है
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