
Business व्यापार : 24 जून को भारतीय इक्विटी बाजार मजबूती के साथ बंद हुए। पूरे दिन बाजार में खरीदारी का माहौल बना रहा, जिसके चलते प्रमुख इंडेक्स में अच्छी तेजी देखने को मिली। ऑटो, मेटल और एनर्जी सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टरों में निवेशकों की मजबूत खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया।
कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी ने एक बार फिर 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर लिया और उसी के आसपास मजबूती के साथ बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्तर निवेशकों के भरोसे और बाजार में सकारात्मक रुख को दर्शाता है।
सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में पूरे दिन उतार-चढ़ाव के बावजूद खरीदारी का दबदबा बना रहा। बैंकिंग, आईटी, एफएमसीजी और रियल्टी जैसे सेक्टरों में अच्छी मांग देखने को मिली, जिससे इंडेक्स को सपोर्ट मिला। दूसरी ओर, ऑटो, मेटल और एनर्जी सेक्टर में हल्की कमजोरी के कारण तेजी कुछ हद तक सीमित रही।
निफ्टी के 24,000 के स्तर पर लौटने को बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों और घरेलू स्तर पर स्थिर आर्थिक माहौल ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
इसी बीच विदेशी मुद्रा बाजार में भी भारतीय रुपये में हल्की मजबूती देखने को मिली। रुपया पिछले बंद भाव 94.73 के मुकाबले 94.65 प्रति डॉलर पर मजबूत होकर बंद हुआ। रुपये में यह सुधार विदेशी निवेश प्रवाह और डॉलर की हल्की कमजोरी के कारण देखा गया।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में अगर वैश्विक संकेत सकारात्मक बने रहते हैं, तो भारतीय बाजारों में यह तेजी जारी रह सकती है। हालांकि, वे यह भी मानते हैं कि किसी भी तरह की वैश्विक अनिश्चितता या कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकता है।
निवेशकों की नजर अब आगामी आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर टिकी हुई है, जो बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।





