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होर्मुज स्ट्रेट बंद होने का असर, WANA क्षेत्र में इंजीनियरिंग निर्यात 50.7% घटा

Harrison
23 April 2026 7:28 PM IST
होर्मुज स्ट्रेट बंद होने का असर, WANA क्षेत्र में इंजीनियरिंग निर्यात 50.7% घटा
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Chennai चेन्नई: होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के बाद मार्च महीने में वेस्ट एशिया और नॉर्थ अफ्रीका (WANA) क्षेत्र में भारत के इंजीनियरिंग गुड्स एक्सपोर्ट में तेज गिरावट दर्ज की गई है। EEPC (इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल) के आंकड़ों के अनुसार इस क्षेत्र में कुल निर्यात 50.7 प्रतिशत तक कम हो गया है।
डेटा के मुताबिक, इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर प्रमुख निर्यात बाजारों पर देखा गया। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को होने वाले इंजीनियरिंग निर्यात में साल-दर-साल आधार पर 67 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सऊदी अरब को होने वाले निर्यात में 45 प्रतिशत की कमी आई है।
UAE भारतीय निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रेड-ट्रांसशिपमेंट हब माना जाता है। कई भारतीय निर्यातक यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका के साथ आगे के व्यापार के लिए UAE में वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का उपयोग करते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में आने वाली किसी भी बाधा का सीधा असर वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ता है।
होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के कारण समुद्री मार्गों पर दबाव बढ़ा है, जिससे शिपिंग और लॉजिस्टिक्स पर भी असर पड़ा है। इसके चलते माल की आवाजाही धीमी हुई है और निर्यात गतिविधियों में गिरावट आई है।
EEPC के अनुसार, वेस्ट एशिया और नॉर्थ अफ्रीका क्षेत्र में हाल के भू-राजनीतिक तनाव (जियोपॉलिटिकल टेंशन) ने भी व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित किया है। इस क्षेत्र में अस्थिरता के कारण वेयरहाउस संचालन और ट्रांसशिपमेंट गतिविधियों पर असर पड़ा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की स्थिति का असर केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह वैश्विक व्यापार श्रृंखला को भी प्रभावित करता है। विशेषकर इंजीनियरिंग जैसे सेक्टर, जो बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय सप्लाई पर निर्भर होते हैं, उन्हें अधिक नुकसान उठाना पड़ता है।
भारत के लिए WANA क्षेत्र एक महत्वपूर्ण निर्यात बाजार है, जहां इंजीनियरिंग गुड्स की अच्छी मांग रहती है। ऐसे में इस क्षेत्र में आई गिरावट निर्यात आंकड़ों पर भी असर डाल सकती है।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार, यदि होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति जल्द सामान्य नहीं होती है, तो आने वाले महीनों में भी निर्यात पर दबाव बना रह सकता है। इससे लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने और डिलीवरी समय में देरी की संभावना भी बढ़ जाती है।
फिलहाल भारतीय निर्यातक वैकल्पिक मार्गों और बाजारों की तलाश में जुटे हुए हैं, ताकि इस प्रभाव को कम किया जा सके। सरकार और निर्यात संगठन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
कुल मिलाकर, होर्मुज स्ट्रेट बंद होने और क्षेत्रीय तनाव के कारण WANA क्षेत्र में भारत के इंजीनियरिंग निर्यात को बड़ा झटका लगा है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई है।
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