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तेल कीमतों और वैश्विक तनाव का असर बाजार में फिर मचा हाहाकार

Ratna Netam
8 Sept 2026 5:42 PM IST
तेल कीमतों और वैश्विक तनाव का असर बाजार में फिर मचा हाहाकार
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मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर मंगलवार को भी जारी रहा। घरेलू बाजारों में लगातार दूसरे दिन बिकवाली देखने को मिली, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक लाल निशान पर बंद हुए। सेंसेक्स में 555 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी भी कमजोर होकर 23,650 के नीचे फिसल गया। बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
मंगलवार के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स **555.23 अंक यानी 0.73 प्रतिशत गिरकर 75,577.58 के स्तर पर बंद हुआ।** वहीं एनएसई निफ्टी **144.05 अंक यानी 0.61 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,635.10 पर बंद हुआ।** दिन के कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 579 अंक तक टूट गया था।
बाजार में क्यों आई बड़ी गिरावट?
शेयर बाजार में गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार रहे। सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनाव को लेकर देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से निवेशकों की चिंता बढ़ी है, क्योंकि महंगा क्रूड भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए महंगाई और खर्च बढ़ा सकता है।
इसके अलावा पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक बाजारों में कमजोरी का असर भी भारतीय बाजार पर पड़ा। विदेशी निवेशकों की सतर्कता के कारण बड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।
बैंकिंग और बड़ी कंपनियों के शेयरों ने बढ़ाया दबाव
मंगलवार को बाजार में गिरावट का सबसे ज्यादा असर बैंकिंग और बड़ी कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिला। सेंसेक्स में शामिल कई दिग्गज शेयरों में गिरावट रही।
आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसे शेयरों में कमजोरी ने बाजार पर दबाव बनाया। वहीं आईटी और रियल्टी सेक्टर के शेयर भी कमजोर रहे।
निफ्टी बैंक इंडेक्स में भी गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनाई और सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख किया।
निफ्टी के लिए अहम स्तर क्या हैं?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक निफ्टी फिलहाल दबाव में है। तकनीकी स्तर पर 23,600 के आसपास का स्तर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर निफ्टी इस स्तर से नीचे जाता है तो बाजार में और कमजोरी देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में तेजी लौटने के लिए निफ्टी को 23,800 के ऊपर मजबूती दिखानी होगी। फिलहाल वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
निवेशकों की बढ़ी चिंता
शेयर बाजार में लगातार गिरावट से छोटे और बड़े निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। कई निवेशक अपने पोर्टफोलियो को लेकर सतर्क हो गए हैं और नए निवेश से पहले बाजार की दिशा का इंतजार कर रहे हैं।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है। मजबूत कंपनियों में लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने के बजाय अपनी रणनीति पर ध्यान देना चाहिए।
कुछ सेक्टरों में दिखी मजबूती
जहां ज्यादातर सेक्टरों में गिरावट रही, वहीं कुछ क्षेत्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया। डिफेंस सेक्टर से जुड़े शेयरों में मजबूती देखने को मिली। सरकारी स्तर पर रक्षा खरीद को मंजूरी मिलने के बाद कुछ रक्षा कंपनियों के शेयरों में तेजी रही।
इसके अलावा कुछ मेटल और फार्मा शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। हालांकि बाजार की कुल दिशा कमजोर बनी रही।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
आने वाले दिनों में शेयर बाजार की दिशा कई बातों पर निर्भर करेगी। कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक तनाव, अमेरिकी बाजारों का प्रदर्शन और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार को प्रभावित कर सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक अनिश्चितता कम नहीं होती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय कंपनियों के फंडामेंटल और लंबी अवधि की रणनीति पर ध्यान देना चाहिए।
फिलहाल दलाल स्ट्रीट पर दबाव बना हुआ है और निवेशकों की नजर अब अगले कारोबारी सत्र पर टिकी है।
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