Management बदलाव का असर, बैंक शेयर चढ़ा; ब्रोकरेज ने दी सतर्क सलाह

New Delhi नई दिल्ली : मैनेजमेंट में बड़े बदलाव के बाद साउथ इंडियन बैंक लिमिटेड के शेयर गुरुवार को निवेशकों की नजर में रहे। बैंक के शेयर में तेजी देखने को मिली, हालांकि घरेलू ब्रोकरेज फर्म ICICI सिक्योरिटीज ने अपने रुख में बदलाव करते हुए स्टॉक की रेटिंग को घटा दिया है।गुरुवार को साउथ इंडियन बैंक का शेयर 1.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 44.25 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। बैंक के शेयर का 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर 49.90 रुपये है, जो 7 जुलाई 2026 को दर्ज किया गया था। वहीं, इसका 52 हफ्तों का निचला स्तर 28.13 रुपये रहा है।
महेश मुरलीधर पई बनेंगे नए MD और CEO
बैंक के प्रबंधन में बदलाव की वजह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी है। आरबीआई ने महेश मुरलीधर पई को साउथ इंडियन बैंक का नया प्रबंध निदेशक (MD) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है।
यह नियुक्ति 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी और तीन साल की अवधि के लिए होगी। बैंक ने बताया कि महेश पई की नियुक्ति का प्रस्ताव 16 जुलाई को होने वाली निदेशक मंडल की बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद शेयरधारकों की मंजूरी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
साउथ इंडियन बैंक ने एक बयान में कहा कि आरबीआई ने 7 जुलाई 2026 को पत्र के माध्यम से महेश मुरलीधर पई की नियुक्ति को मंजूरी दी है। उनकी नियुक्ति बैंक के नेतृत्व को नई दिशा देने की उम्मीद के साथ देखी जा रही है।
ICICI सिक्योरिटीज ने बदली रेटिंग
घरेलू ब्रोकरेज फर्म ICICI सिक्योरिटीज ने बैंक के शेयर को लेकर अपनी रेटिंग में बदलाव किया है। ब्रोकरेज ने पहले स्टॉक को 'बाय' रेटिंग दी थी, जिसे अब घटाकर 'होल्ड' कर दिया गया है।
ब्रोकरेज का कहना है कि महेश पई की नियुक्ति से बैंक के MD और CEO पद पर स्थिरता आने की उम्मीद है। इसके अलावा बैंक में MSME कारोबार में सुधार, लगातार लागत नियंत्रण और बेहतर एसेट क्वालिटी जैसे कारणों से ब्रोकरेज का नजरिया अब भी सकारात्मक बना हुआ है।
हालांकि, ICICI सिक्योरिटीज ने कहा कि नेतृत्व में बदलाव के बाद बैंक की रणनीति और प्रदर्शन में आने वाले बदलावों पर नजर रखना जरूरी होगा। नए नेतृत्व के साथ बैंक किस तरह आगे बढ़ता है, यह आने वाले समय में अहम रहेगा।
निवेशकों की नजर बैंक के प्रदर्शन पर
साउथ इंडियन बैंक पिछले कुछ समय से अपने कारोबार में सुधार की कोशिश कर रहा है। बैंक का फोकस एसेट क्वालिटी सुधारने, लागत कम करने और छोटे एवं मध्यम कारोबार (MSME) क्षेत्र में विस्तार पर है।
नए MD और CEO की नियुक्ति को बैंक के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि नए नेतृत्व में बैंक की विकास रणनीति किस तरह आगे बढ़ती है और इसका असर शेयर प्रदर्शन पर कितना पड़ता है।





