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कोविड प्रतिबंधों के चलते व्यापार में भारी गिरावट कैट ने उप-राज्यपाल को चिट्ठी लिख मांगी छूट

Ekta Sahu
26 Jan 2022 11:49 AM GMT
कोविड प्रतिबंधों के चलते व्यापार में भारी गिरावट कैट ने उप-राज्यपाल को चिट्ठी लिख मांगी छूट
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इस मीटिंग को देखते हुए कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल (Anil Baijal) को आज (26 जनवरी) एक पत्र भेजा है.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क | देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में कोविड प्रतिबंधों (Covid Restrictions) के विषय में चर्चा करने एवं ढील देने के मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए दिल्ली आपदा प्राधिकरण की 27 जनवरी को एक अहम मीटिंग होने वाली है. इस मीटिंग को देखते हुए कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल (Anil Baijal) को आज (26 जनवरी) एक पत्र भेजा है. कैट ने उप-राज्यपाल से आग्रह किया है कि दिल्ली में कोविड के मामलों में तेजी से हो रही कमी को देखते हुए अब दिल्ली के कोविड प्रतिबंधों में आवश्यक ढील दी जानी चाहिए. जिससे दिल्ली में व्यापार एवं आर्थिक गतिविधियां फिर से शुरू हो सकें.

कैट ने बताया कि दिल्ली एवं देशभर के विभिन्न राज्यों में अनेक प्रकार के कोविड प्रतिबंधों के चलते पूरे देश में रिटेल व्यापार में पिछले 25 दिनों में लगभग 70 फीसदी की कमी आई है, जो बेहद चिंताजनक है. इन प्रतिबंधों के चलते एक राज्य से दूसरे राज्य में खरीदारी करने वाले लोगों की संख्या लगभग न के बराबर हो गई है, जिसका सभी व्यापारों पर विपरीत प्रभाव पड़ा है.
कैट ने उप-राज्यपाल को चिट्ठी लिख भेजा सुझाव
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि अनिल बैजल को भेजे पत्र में कैट ने सुझाव दिया है कि दिल्ली में जिस व्यक्ति ने टीकाकरण नहीं कराया है, उसे घर से बाहर निकलने की अनुमति ही न दी जाए. इसके अलावा ऑड-ईवन व्यवस्था एवं वीकेंड लॉकडाउन को समाप्त किया जाए. वहीं दिल्ली के बाजारों को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक किया जा सकता है. दिल्ली में प्रत्येक थाना स्तर पर उस थाने के क्षेत्र के अंतर्गत कार्य कर रहीं सभी व्यापारिक एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों एवं थाना पुलिस अधिकरियों की एक संयुक्त समिति गठित की जाए. जो थाना क्षेत्र के सभी बाजारों में अनिवार्य रूप से कोविड सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करें.
कैट ने उप-राज्यपाल को भेजे सुझाव में कहा है कि दिल्ली में शादियों की जरूरतों को महसूस करते हुए 20 व्यक्तियों के स्थान पर कम से कम 100 व्यक्तियों के शामिल होने की अनुमति तथा भोजन की व्यवस्था करने वाले होटल एवं रेस्टॉरेंट में क्षमता से 50 फीसदी लोगों के साथ खोलने की अनुमति दी जाए और गैर-टीकाकृत किसी भी व्यक्ति को शादी, होटल एवं रेस्टॉरेंट में जाने की अनुमति न दी जाए.
कोविड प्रतिबंधों की वजह से सभी व्यापार में हुआ नुकसान
खंडेलवाल ने बताया दिल्ली में व्यापार के नुकसान के 70 प्रतिशत के हुए अनुमान में मोटे तौर पर एफएमसीजी में 60 फीसदी, इलेक्ट्रॉनिक्स में 65 फीसदी मोबाइल में 70 फीसदी, दैनिक उपभोग की वस्तुओं में 60 फीसदी, ड्राई फ्रूट्स में 65 फीसदी, थोक किराना में 60 फीसदी, फुटवियर में 70 फीसदी, ज्वेलरी में 55 फीसदी, खिलौनों में 70 फीसदी, गिफ्ट आइटम्स में 80 फीसदी, बिल्डर हार्डवेयर में 70 फीसदी, सैनेटरीवेयर में 75 फीसदी, परिधान में 70 फीसदी, कपड़े में 70 फीसदी, कॉस्मेटिक्स में 60 फीसदी, फर्नीचर में 75 फीसदी, फर्निशिंग फैब्रिक्स में 70 फीसदी, इलेक्ट्रिकल सामान में 70 फीसदी, सूटकेस एवं लगेज में 75 फीसदी, खाद्यान्न में 40 फीसदी, रसोई उपकरणों में 65 फीसदी, घड़ियों में 70 फीसदी, कंप्यूटर एवं कंप्यूटर के सामान में 65 फीसदी, कागज एवं स्टेशनरी में 70 फीसदी, मिल स्टोर एवं मशीनरी में 70 फीसदी, शादी एवं समारोह कार्ड में 80 फीसदी, सर्जिकल आइटम में 65 फीसदी, रबर एवं प्लास्टिक में 70 फीसदी, पाइप एवं पाइप फिटिंग में 75 फीसदी, ऑटो पार्ट्स में 70 फीसदी, पुराने चार पहिया वाहनों की बिक्री में 70 फीसदी, लकड़ी एवं प्लाईवुड में 70 फीसदी की गिरावट का अनुमान है. दिल्ली, क्योंकि देश का सबसे बड़ा व्यापारिक वितरण केंद्र है, इस दृष्टि से दिल्ली में इतने बड़े पैमाने पर व्यापार में गिरावट का असर देश के अन्य राज्यों के व्यापार में भी स्वाभाविक रूप से पड़ता है. इसे देखते हुए जहां कोविड से सुरक्षा जरूरी है वहीं अब व्यापार और आर्थिक गतिविधियों का भी चलना आवश्यक है.


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