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₹15, ₹20 और ₹25 लाख आय पर कितना लगेगा टैक्स, देखें पूरा कैलकुलेशन

Saba Naaz
9 July 2026 3:27 PM IST
₹15, ₹20 और ₹25 लाख आय पर कितना लगेगा टैक्स, देखें पूरा कैलकुलेशन
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नई दिल्ली। ITR Filing 2026 का दौर शुरू हो चुका है और टैक्सपेयर्स के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि वे Old Tax Regime चुनें या New Tax Regime। खासकर ₹15 लाख, ₹20 लाख और ₹25 लाख सालाना सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के लिए सही टैक्स व्यवस्था का चुनाव काफी महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि इससे उनकी टैक्स देनदारी में बड़ा अंतर आ सकता है। केंद्र सरकार ने New Tax Regime को डिफॉल्ट विकल्प बनाया है। इसमें टैक्स स्लैब अपेक्षाकृत कम हैं और कई मामलों में टैक्स का बोझ कम हो जाता है। हालांकि, Old Tax Regime अभी भी उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है जो HRA, होम लोन, NPS, 80C, 80D जैसी टैक्स छूट का ज्यादा लाभ लेते हैं।

दोनों टैक्स व्यवस्थाओं में सबसे बड़ा अंतर टैक्स छूट और कटौती का है। New Tax Regime में अधिकतर डिडक्शन और एग्जेम्प्शन उपलब्ध नहीं होते, जबकि Old Tax Regime में निवेश और खर्चों के आधार पर टैक्सेबल इनकम को काफी कम किया जा सकता है। इस गणना में Old Tax Regime के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹50 हजार, सेक्शन 80C के तहत ₹1.5 लाख, NPS में ₹50 हजार, हेल्थ इंश्योरेंस के लिए 80D में ₹25 हजार और HRA छूट ₹2 लाख को शामिल किया गया है। यानी कुल मिलाकर करीब ₹4.75 लाख की छूट मानी गई है। वहीं New Tax Regime में केवल ₹75 हजार के स्टैंडर्ड डिडक्शन को शामिल किया गया है।

अगर किसी व्यक्ति की सालाना सैलरी ₹15 लाख है तो Old Tax Regime में टैक्सेबल इनकम करीब ₹10.25 लाख रह जाती है। इस पर चार प्रतिशत सेस सहित कुल टैक्स लगभग ₹1,24,800 बनता है। वहीं New Tax Regime में टैक्सेबल इनकम ₹14.25 लाख मानी जाती है और कुल टैक्स करीब ₹97,500 आता है। यानी इस स्थिति में New Tax Regime में लगभग ₹27,300 की बचत हो सकती है। ₹20 लाख सालाना सैलरी वालों के मामले में भी New Tax Regime ज्यादा फायदेमंद दिखाई देती है। Old Tax Regime में टैक्सेबल इनकम करीब ₹15.25 लाख और कुल टैक्स लगभग ₹2,80,800 बनता है। जबकि New Tax Regime में टैक्स करीब ₹1,92,400 आता है। दोनों के बीच करीब ₹88,400 का अंतर दिखाई देता है।

वहीं ₹25 लाख सालाना आय वाले कर्मचारियों के लिए Old Tax Regime में टैक्स करीब ₹4,36,800 और New Tax Regime में लगभग ₹3,19,800 बनता है। इस स्थिति में New Tax Regime से करीब ₹1.17 लाख की बचत हो सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि हर व्यक्ति के लिए New Tax Regime बेहतर नहीं हो सकती। अगर किसी कर्मचारी को HRA की बड़ी छूट मिलती है, होम लोन का ब्याज भरना पड़ता है, 80C के तहत निवेश करता है, NPS में योगदान देता है या हेल्थ इंश्योरेंस पर छूट लेता है तो Old Tax Regime ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है।

टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार करीब ₹15 लाख की सैलरी पर Old Tax Regime को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त कटौती और छूट जरूरी होती है। अगर किसी व्यक्ति को HRA, निवेश, होम लोन और अन्य माध्यमों से कई लाख रुपये की छूट मिल रही है तो पुरानी व्यवस्था में टैक्स बचाया जा सकता है। टैक्स व्यवस्था चुनते समय सिर्फ टैक्स स्लैब देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। कर्मचारियों को अपनी सैलरी स्ट्रक्चर, मिलने वाली सुविधाओं, निवेश और उपलब्ध टैक्स छूट को ध्यान में रखकर कैलकुलेशन करना चाहिए। ITR दाखिल करने से पहले दोनों व्यवस्थाओं में अपना टैक्स निकालना और जिस विकल्प में कम टैक्स बने, उसे चुनना ही बेहतर रणनीति होगी।

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