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पेट्रोल से चलने वाली Flex Fuel गाड़ी पर कितना बचता है खर्च? पूरी डिटेल

Kanchan Paikara
16 Jun 2026 3:41 PM IST
पेट्रोल से चलने वाली Flex Fuel गाड़ी पर कितना बचता है खर्च? पूरी डिटेल
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भारत में Flex Fuel तकनीक अभी शुरुआती चरण में है

New Delhi नई दिल्‍ली : भारत में सरकार की ओर से हाल ही में Flex Fuel तकनीक वाले वाहनों और E85 पेट्रोल को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य देश में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देना, पेट्रोल पर निर्भरता कम करना और पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रित करना बताया जा रहा है। Flex Fuel तकनीक वाले वाहन ऐसे इंजन पर आधारित होते हैं जो पेट्रोल और इथेनॉल के मिश्रण से चल सकते हैं, जिसमें E85 जैसे ईंधन का उपयोग किया जाता है।

E85 पेट्रोल में लगभग 85 प्रतिशत तक इथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। इथेनॉल मुख्य रूप से गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है, जिससे किसानों को भी सीधा लाभ मिलने की संभावना रहती है। सरकार का मानना है कि इस तकनीक के बढ़ने से देश में ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और कच्चे तेल के आयात पर खर्च कम किया जा सकेगा।

लेकिन आम उपभोक्ताओं के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या Flex Fuel वाहनों को खरीदना आज के समय में फायदे का सौदा साबित होगा या नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका जवाब कई कारकों पर निर्भर करता है। सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि Flex Fuel वाहन फिलहाल भारत में पूरी तरह से व्यापक स्तर पर उपलब्ध नहीं हैं। इनकी उपलब्धता सीमित है और इंफ्रास्ट्रक्चर भी अभी शुरुआती चरण में है।

यदि लागत की बात करें तो Flex Fuel वाहनों की शुरुआती कीमत पारंपरिक पेट्रोल वाहनों की तुलना में थोड़ी अधिक हो सकती है। हालांकि, लंबे समय में अगर E85 ईंधन की कीमत पेट्रोल से कम रहती है, तो यह चलाने की लागत को कम कर सकता है। इसके अलावा, इथेनॉल मिश्रित ईंधन के उपयोग से प्रदूषण भी अपेक्षाकृत कम होने की संभावना रहती है, जिससे पर्यावरण के लिहाज से यह एक बेहतर विकल्प माना जाता है।

दूसरी ओर, कुछ चुनौतियां भी सामने आती हैं। E85 ईंधन की उपलब्धता अभी सभी पेट्रोल पंपों पर नहीं है, जिससे उपभोक्ताओं को ईंधन भरवाने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा, पुराने वाहनों के लिए यह तकनीक उपयुक्त नहीं होती, इसलिए नया वाहन खरीदना ही एकमात्र विकल्प बन जाता है।

ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में Flex Fuel तकनीक अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले कुछ वर्षों में इसका नेटवर्क और मजबूत होने की उम्मीद है। जैसे-जैसे सरकार इस तकनीक को बढ़ावा देगी और ईंधन वितरण व्यवस्था विकसित होगी, वैसे-वैसे यह विकल्प आम लोगों के लिए अधिक व्यावहारिक बन सकता है।

कुल मिलाकर कहा जाए तो फिलहाल Flex Fuel वाहन खरीदना हर उपभोक्ता के लिए तुरंत फायदे का सौदा नहीं कहा जा सकता, लेकिन भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए यह एक उभरती हुई तकनीक जरूर है। जो लोग पर्यावरण को लेकर जागरूक हैं और भविष्य की तकनीक में निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं सामान्य उपभोक्ताओं के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना अधिक समझदारी भरा फैसला साबित हो सकता है।

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