
Delhi दिल्ली फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए हाई-इथेनॉल ब्लेंड E85 लॉन्च किया गया है। यह एक वैकल्पिक ईंधन है जिसमें 85 प्रतिशत इथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। इसका उद्देश्य पारंपरिक पेट्रोल पर निर्भरता को कम करना और पर्यावरण को स्वच्छ बनाना है। इथेनॉल एक जैव ईंधन है जो मुख्य रूप से गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है। E85 ईंधन का उपयोग केवल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों में किया जा सकता है, जो अलग-अलग इथेनॉल मिश्रणों पर चलने के लिए डिजाइन किए गए होते हैं।
इस ईंधन के लॉन्च से देश में हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है। इससे पेट्रोल आयात पर निर्भरता भी घटेगी, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी। किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा क्योंकि इथेनॉल उत्पादन के लिए उनकी फसलों की मांग बढ़ेगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है।
सरकार लगातार वैकल्पिक और स्वच्छ ईंधनों को बढ़ावा दे रही है ताकि ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। E85 जैसे ईंधन भविष्य में परिवहन क्षेत्र को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह कदम स्वच्छ भारत और ग्रीन एनर्जी मिशन की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।





