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Heat Wave : 2025 में 10% तक बढ़ सकती है बिजली की मांग

Uma Verma
25 March 2025 1:16 PM IST
Heat Wave : 2025 में 10% तक बढ़ सकती है बिजली की मांग
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व्यापार | देशभर में लगातार बढ़ते तापमान के बीच इस साल बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2025 में बिजली की अधिकतम मांग 10% तक बढ़ सकती है, जिसका मुख्य कारण भीषण गर्मी और एयर कंडीशनर (AC) का बढ़ता उपयोग होगा। मार्च से ही कई राज्यों में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जिससे बिजली की खपत में तेजी देखने को मिल रही है।

गर्मी में AC और कूलर का बढ़ता दबाव

हर साल गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की खपत भी तेजी से बढ़ती है। खासकर शहरी इलाकों में लोग एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य कूलिंग उपकरणों का ज्यादा उपयोग करने लगते हैं, जिससे बिजली ग्रिड पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में भारत में AC का उपयोग 20-25% तक बढ़ा है, जिससे बिजली की मांग में उछाल आ रहा है।

इस साल हीटवेव के कारण कई राज्यों में पहले से ही पावर कट की स्थिति बन रही है। यदि तापमान में और बढ़ोतरी होती है, तो बिजली कंपनियों के लिए मांग को पूरा करना और भी मुश्किल हो सकता है। विशेष रूप से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, और तमिलनाडु जैसे राज्यों में गर्मी के चरम महीनों में बिजली की मांग अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच सकती है।

हीटवेव से बढ़ सकता है बिजली संकट

मौसम विभाग के अनुसार, इस साल हीटवेव पहले से अधिक तीव्र हो सकती है। गर्मी के दौरान AC, कूलर, पंखे और रेफ्रिजरेटर जैसी चीजों की खपत बढ़ने से बिजली की डिमांड अप्रत्याशित रूप से बढ़ सकती है। 2024 की तुलना में 2025 में अधिकतम बिजली खपत में 8-10% की वृद्धि दर्ज की जा सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तापमान 45 डिग्री या उससे अधिक पहुंचता है, तो बिजली संकट की संभावना बढ़ जाएगी। कई इलाकों में लोड शेडिंग यानी पावर कट जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां बिजली ग्रिड पर पहले से ही दबाव बना हुआ है।

कैसे बच सकते हैं बिजली संकट से?

बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए विशेषज्ञों ने ऊर्जा की बचत और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के उपयोग की सलाह दी है। कुछ महत्वपूर्ण उपायों में शामिल हैं:

  1. ऊर्जा दक्षता वाले उपकरणों का इस्तेमाल: 5-स्टार रेटिंग वाले AC और अन्य बिजली उपकरणों का उपयोग करें, ताकि बिजली की खपत कम हो।

  2. सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाएं: सोलर पैनल लगाकर वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाया जा सकता है।

  3. बिजली की फिजूलखर्ची रोकें: जब जरूरत न हो, तो पंखे, AC और अन्य उपकरणों को बंद करें।

  4. ग्रीन बिल्डिंग्स और इंसुलेशन तकनीक अपनाएं: जिससे घरों को ठंडा रखा जा सके और AC की जरूरत कम हो।

निष्कर्ष

हीटवेव और भीषण गर्मी के कारण इस साल बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है। AC और कूलिंग उपकरणों का बढ़ता उपयोग ग्रिड पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है, जिससे बिजली कटौती की समस्या हो सकती है। ऐसे में ऊर्जा की बचत, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का उपयोग और स्मार्ट बिजली प्रबंधन से इस संकट को कम किया जा सकता है। सरकार और बिजली कंपनियों को भी इसके लिए पहले से तैयारी करनी होगी, ताकि आने वाले महीनों में गर्मी से राहत के साथ-साथ बिजली की निरंतर आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा सके।


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