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ग्रीस में जनवरी से लागू होगा कानून
ग्रीस की संसद ने शुक्रवार को एक कानून को मंजूरी दी, जिसके तहत 15 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। यह कदम बच्चों की सेहत और सुरक्षा पर अत्यधिक ऑनलाइन गतिविधियों के असर को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच उठाया गया है।
यह प्रतिबंध 1 जनवरी 2027 से लागू होगा। इससे सोशल मीडिया कंपनियों को उम्र की पुष्टि करने वाले सिस्टम (age verification mechanisms) बनाने और उपयोगकर्ताओं की निजता (privacy) की सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय करने का समय मिल जाएगा।
सोशल मीडिया कंपनियों को नियमों का पालन करने के लिए ढाई महीने का समय दिया गया है
ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस ने कहा कि सोशल मीडिया कंपनियों के पास उपयोगकर्ताओं की उम्र की पुष्टि करने और उनकी निजी जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले सिस्टम विकसित करने के लिए ढाई महीने का समय होगा।
इस कानून का मकसद छोटे बच्चों की सोशल मीडिया तक पहुंच को सीमित करना है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि बच्चों के बहुत ज्यादा समय तक स्क्रीन के सामने रहने (excessive screen time) और उनके शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर इसके पड़ने वाले बुरे प्रभावों को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं।
उम्र की पुष्टि (age verification) के लिए यूरोपीय देशों की पहल में ग्रीस भी शामिल
ग्रीस उन सात यूरोपीय संघ (EU) देशों में से एक है, जो सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की उम्र की पुष्टि करने वाला सिस्टम विकसित करने के लिए यूरोपीय आयोग (European Commission) के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दुनिया भर की सरकारें बच्चों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल से जुड़े संभावित खतरों से बचाने के लिए सख्त नियम बनाने पर विचार कर रही हैं।
ऑस्ट्रेलिया पहला ऐसा देश बना, जिसने 2025 में नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को सीमित करने वाला कानून पारित किया।
फ्रांस ने भी ऐसा ही एक कानून पारित किया था, लेकिन अगस्त 2026 में वहां की संवैधानिक परिषद (Constitutional Council) ने इसे रद्द कर दिया।
सरकार का मकसद बच्चों के बीच 'एंडलेस स्क्रॉलिंग' (लगातार स्क्रॉल करते रहने की आदत) पर लगाम लगाना है
ग्रीस सरकार ने कहा कि इस कानून का उद्देश्य माता-पिता की मदद करना है, ताकि वे बच्चों की सोशल मीडिया तक पहुंच को सीमित कर सकें और बहुत ज्यादा ऑनलाइन रहने से होने वाले नुकसान को कम कर सकें।
अधिकारियों ने "एंडलेस स्क्रॉलिंग" को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इसकी वजह से बच्चों को पूरी नींद नहीं मिल पाती, उनके ध्यान लगाने की क्षमता (concentration) पर असर पड़ता है और दोस्तों के साथ बातचीत करने के लिए उनके पास कम समय बचता है।
सरकार का मानना है कि इन नए प्रतिबंधों से परिवारों को अपनी चिंताओं को दूर करने में मदद मिलेगी और साथ ही बच्चों में स्वस्थ डिजिटल आदतें विकसित करने को बढ़ावा मिलेगा।
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