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Business : शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और निवेश को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच सुरक्षित तथा निश्चित ब्याज वाले निवेश विकल्प तलाश रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक इंडियन बैंक (Indian Bank) ने अपनी दो विशेष फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाओं की ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। बैंक ने 777 दिनों की विशेष एफडी योजना 'इंड प्रॉस्पर' (Ind Prosper) पर ब्याज दर 15 बेसिस प्वाइंट बढ़ा दी है। इसके बाद सामान्य ग्राहकों को अब सालाना 6.75 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों को 7.25 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। वहीं 80 साल या उससे अधिक उम्र के सुपर सीनियर सिटीजन को 7.50 प्रतिशत तक ब्याज दिया जाएगा।
इंडियन बैंक की नई ब्याज दरें 23 अक्टूबर 2026 से लागू हो गई हैं। बैंक ने 777 दिनों की इंड प्रॉस्पर योजना के साथ 555 दिनों की इंड ग्रो (Ind Grow) एफडी योजना पर भी ब्याज बढ़ाया है। दोनों योजनाओं में 0.15 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की गई है। इससे उन निवेशकों को अतिरिक्त फायदा मिलेगा जो बैंक एफडी के जरिए अपनी बचत पर निश्चित ब्याज अर्जित करना चाहते हैं।
इंड प्रॉस्पर एफडी पर अब कितना मिलेगा ब्याज?
इंडियन बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इंड प्रॉस्पर योजना की अवधि 777 दिन निर्धारित है। पहले इस योजना में सामान्य ग्राहकों को सालाना 6.60 प्रतिशत ब्याज दिया जाता था, जिसे बढ़ाकर 6.75 प्रतिशत कर दिया गया है।
वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों के मुकाबले 0.50 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज मिलता है। इस तरह 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पात्र निवेशकों को 7.25 प्रतिशत ब्याज मिलेगा।
सुपर सीनियर सिटीजन के लिए ब्याज दर 7.50 प्रतिशत निर्धारित की गई है। यह सामान्य ग्राहकों की तुलना में 0.75 प्रतिशत अधिक है।
इस बढ़ोतरी से खासकर उन बुजुर्ग निवेशकों को फायदा हो सकता है, जो अपनी जमा पूंजी से नियमित आय हासिल करने के लिए बैंक एफडी पर निर्भर रहते हैं।
नई ब्याज दरों की पूरी जानकारी
निवेशक श्रेणी इंड प्रॉस्पर (777 दिन) इंड ग्रो (555 दिन)
सामान्य ग्राहक 6.75% 6.80%
वरिष्ठ नागरिक 7.25% 7.30%
सुपर सीनियर नागरिक 7.50% 7.55%
सालाना ब्याज दरें, 23 अक्टूबर 2026 से प्रभावी। स्रोत: इंडियन बैंक।
555 दिनों वाली इंड ग्रो योजना पर भी फायदा
बैंक ने अपनी दूसरी विशेष एफडी योजना इंड ग्रो पर भी ब्याज दर बढ़ाई है। इस योजना की अवधि 555 दिन है।
पहले सामान्य ग्राहकों को इस एफडी पर 6.65 प्रतिशत ब्याज मिलता था। अब इसे बढ़ाकर 6.80 प्रतिशत कर दिया गया है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर 7.30 प्रतिशत और सुपर सीनियर सिटीजन के लिए 7.55 प्रतिशत हो गई है।
दिलचस्प बात यह है कि 555 दिनों की इंड ग्रो योजना में 777 दिनों की इंड प्रॉस्पर एफडी की तुलना में 0.05 प्रतिशत अधिक सालाना ब्याज मिल रहा है।
ऐसे में जो निवेशक अपेक्षाकृत कम अवधि के लिए रकम जमा करना चाहते हैं, उनके लिए इंड ग्रो योजना भी एक विकल्प हो सकती है।
सिर्फ 1,000 रुपये से शुरू कर सकते हैं निवेश
इंडियन बैंक की इन विशेष एफडी योजनाओं में निवेश के लिए बड़ी रकम होना जरूरी नहीं है। बैंक के मुताबिक, इंड प्रॉस्पर और इंड ग्रो दोनों योजनाओं में न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है।
इनमें तीन करोड़ रुपये से कम की राशि जमा कराई जा सकती है। इसका मतलब है कि छोटे बचतकर्ताओं के साथ अधिक रकम निवेश करने वाले ग्राहक भी इन योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।
हालांकि, ये विशेष एफडी योजनाएं बैंक की उपलब्धता और निर्धारित शर्तों के अधीन हैं। बैंक भविष्य में इन्हें बढ़ाने, बदलने या बंद करने का अधिकार रखता है।
ब्याज का भुगतान कैसे होगा?
इंड प्रॉस्पर योजना में निवेशकों को ब्याज भुगतान के अलग-अलग विकल्प मिलते हैं। ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार मासिक, तिमाही या मैच्योरिटी पर ब्याज प्राप्त करने का विकल्प चुन सकते हैं।
बैंक के नियमों के अनुसार, ब्याज का भुगतान लागू टीडीएस काटने के बाद किया जा सकता है। एफडी से होने वाली ब्याज आय पर आयकर नियम भी लागू होते हैं।
यदि ग्राहक मैच्योरिटी से पहले एफडी बंद कराना चाहता है, तो उसे बैंक की प्रीमैच्योर निकासी संबंधी शर्तों और संभावित पेनल्टी की जानकारी लेनी चाहिए।
आरबीआई के फैसले के बाद बढ़ीं ब्याज दरें
इंडियन बैंक का यह फैसला भारतीय रिजर्व बैंक की अक्टूबर की मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद सामने आया है।
इस महीने आरबीआई ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी करते हुए इसे 5.50 प्रतिशत कर दिया था।
इसके बाद इंडियन बैंक ने अपनी विशेष एफडी योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव करने का निर्णय लिया।
बैंक की एसेट लायबिलिटी मैनेजमेंट कमेटी ने 22 अक्टूबर को हुई बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी। अगले दिन यानी 23 अक्टूबर से नई दरें प्रभावी हो गईं।
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
एफडी को अपेक्षाकृत कम जोखिम वाला निवेश विकल्प माना जाता है, क्योंकि इसमें ब्याज दर और निवेश अवधि पहले से निर्धारित होती है। हालांकि, बैंक एफडी पूरी तरह जोखिममुक्त नहीं होती।
भारत में डीआईसीजीसी के अंतर्गत प्रति जमाकर्ता, प्रति बैंक मूलधन और ब्याज मिलाकर अधिकतम पांच लाख रुपये तक जमा बीमा सुरक्षा उपलब्ध होती है।
निवेशकों को एफडी खुलवाने से पहले ब्याज दर, मैच्योरिटी अवधि, टैक्स और समय से पहले पैसा निकालने की शर्तों को समझना चाहिए।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
इंडियन बैंक की ब्याज दरों में बढ़ोतरी से सामान्य ग्राहकों और वरिष्ठ नागरिकों को पहले की तुलना में बेहतर रिटर्न मिलेगा।
विशेष रूप से 777 दिनों की इंड प्रॉस्पर योजना लंबी अवधि के लिए निश्चित ब्याज चाहने वालों को आकर्षित कर सकती है। वहीं 555 दिनों की इंड ग्रो योजना कम अवधि और थोड़ी अधिक ब्याज दर के कारण उपयोगी विकल्प बन सकती है।
निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे अपनी आर्थिक जरूरतों, आपातकालीन बचत और निवेश अवधि को ध्यान में रखकर फैसला करें।
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