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सरकार का मोबाइल पार्ट्स को लेकर बड़ी घोषणा, अब आपके स्मार्टफोन्स के लिए ढीली करनी होगी जेब

Gulabi
1 Feb 2021 9:12 AM GMT
सरकार का मोबाइल पार्ट्स को लेकर बड़ी घोषणा, अब आपके स्मार्टफोन्स के लिए ढीली करनी होगी जेब
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज आम बजट पेश किया.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज आम बजट पेश किया. बजट की शुरुआत उन्होंने सुबह 11 बजे की जहां अब हर अहम ऐलान के बाद भाषण खत्म हो चुका है. अपने भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने कस्टम ड्यूटी को लेकर कहा कि, 1 अक्टूबर 2020 से नया स्ट्रक्चर आएगा तो वहीं मोबाइल पार्ट्स पर भी अब कस्टम ड्यूटी लगेगी. भारत में काम कर रही कई मोबाइल कंपनियों की ये मांग थी कि विदेशों से आयात कर रहे मोबाइल पार्ट्स पर अगर कस्टम ड्यूटी को न लगाया जाए तो आनेवाले समय में ये कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है लेकिन ये नहीं हो पाया. ऐसे में जब मोबाइल पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी लगाया जाएगा तो भारत में स्मार्टफोन्स महंगे हो जाएंगे.


कस्टम ड्यूटी पॉलिसी को लेकर कहा गया है कि, ये डोमेस्ट्रिक मैन्युफैक्चरिंग को प्रमोट करेगा. मोबाइल उपकरण पर जहां कस्टम ड्यूटी बढ़कर 2.5 फीसदी हुई तो वहीं सोना चांदी पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है. स्टील उपकरण पर कस्टम ड्यूटी घटाकर 7.5 फीसदी हो गई है. जबकि कॉपर और नॉयलोन पर 2.5 और 5 फीसदी घटा दिया गया है. कस्टम ड्यूटी को अब पेपरलेस करने की तैयारी की जा रही है.


स्मार्टफोन्स होंगे महंगे
बजट सेशन के दौरान वित्त मंत्री ने ये ऐलान किया कि अब मोबाइल पार्ट्स पर भी कस्टम ड्यूटी लगाई जाएगी. कस्टम ड्यूटी लगाने से भारत में बन रहे स्मार्टफोन्स अब महंगे हो जाएंगे. सरकार ने कहा कि, डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए ये कदम उठाया गया है. भारत में आज कई स्मार्टफोन कंपनियां हैं जो मोबाइल पार्ट्स को विदेशों से मंगाती हैं. ऐसे में अब इन पार्ट्स पर रोक लगाकार इन्हें भारत में ही बनाया जाएगा क्योंकि अगर कोई भी कंपनी विदेश से इन पार्ट्स का आयात करवाती है तो स्मार्टफोन्स बेहद महंगे हो सकते हैं.

डिजिटल पेमेंट के लिए 1500 करोड़ आवंटन
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कैशलेस इकोनॉमी की दिशा में एक महत्वपूर्ण घोषणा की. उन्होंने कहा कि डिजिटल पेमेंट के लिए 1500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के पहले कार्यकाल में हुई नोटबंदी के बाद यह इस दिशा में बहुत बड़ी घोषणा कही जा रही है.

नवंबर 2016 के बाद देश कैशलेस सिस्टम की ओर तेजी से बढ़ा है. शुरुआत में भले ही लोगों को परेशानी हुई, लेकिन हाल के वर्षों में डिजिटल पेमेंट का चलन तेजी से बढ़ा है. कैशलेस इकोनॉमी बनाने में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार डिजिटल ट्रांजैक्शन पर कई तरह की सुविधाएं देती रही हैं.


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