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BHEL-SAIL को सरकार की चेतावनी, महारत्न दर्जा खतरे में

Ratna Netam
6 Jun 2026 3:56 PM IST
BHEL-SAIL को सरकार की चेतावनी, महारत्न दर्जा खतरे में
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Business बिजनेस : देश की दो बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों, Bharat Heavy Electricals Limited और Steel Authority of India Limited, के सामने महारत्न का दर्जा बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। केंद्र सरकार ने दोनों कंपनियों को अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार लाने के लिए नोटिस जारी किया है। यदि अगले एक वर्ष के दौरान इनके प्रदर्शन में अपेक्षित सुधार नहीं होता है, तो इनका महारत्न दर्जा वापस लेकर नवरत्न श्रेणी में शामिल किया जा सकता है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार ने यह कदम महारत्न कंपनियों के लिए निर्धारित वित्तीय मानकों को ध्यान में रखते हुए उठाया है। महारत्न का दर्जा देश के सार्वजनिक उपक्रमों को मिलने वाला सर्वोच्च दर्जा माना जाता है। इस श्रेणी में शामिल कंपनियों को निवेश, विस्तार और रणनीतिक फैसले लेने में अधिक स्वायत्तता प्राप्त होती है। लेकिन इस दर्जे को बनाए रखने के लिए कंपनियों को लगातार मजबूत वित्तीय प्रदर्शन करना आवश्यक होता है।

जानकारी के मुताबिक, पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान BHEL और SAIL दोनों का कर भुगतान के बाद का शुद्ध लाभ (PAT) 5,000 करोड़ रुपये के निर्धारित स्तर से नीचे रहा है। यही कारण है कि सरकार ने दोनों कंपनियों के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए उन्हें चेतावनी दी है। अधिकारियों का मानना है कि यदि कंपनियां तय मानकों को पूरा नहीं कर पाती हैं, तो उनके महारत्न दर्जे की समीक्षा की जा सकती है।

वर्तमान में देश में कुल 14 सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को महारत्न का दर्जा प्राप्त है। इनमें ऊर्जा, तेल एवं गैस, खनन, इंजीनियरिंग और भारी उद्योग क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। हालांकि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, BHEL और SAIL ही ऐसी कंपनियां हैं जो पिछले कुछ वर्षों में निर्धारित लाभ के मानकों पर खरा उतरने में असफल रही हैं।

BHEL देश की अग्रणी इंजीनियरिंग और ऊर्जा उपकरण निर्माण कंपनी है, जबकि SAIL भारत की सबसे बड़ी सरकारी इस्पात उत्पादक कंपनियों में से एक है। दोनों कंपनियां अपने-अपने क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन हाल के वर्षों में बदलती बाजार परिस्थितियों, मांग में उतार-चढ़ाव और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण इनके वित्तीय प्रदर्शन पर असर पड़ा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाला एक साल दोनों कंपनियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। यदि BHEL नई परियोजनाओं से राजस्व बढ़ाने और लाभप्रदता में सुधार करने में सफल रहती है तथा SAIL इस्पात क्षेत्र में मांग और मार्जिन को बेहतर बना पाती है, तो दोनों कंपनियां अपना महारत्न दर्जा बचा सकती हैं।

निवेशकों की नजर भी अब इन दोनों पीएसयू कंपनियों के आगामी तिमाही और वार्षिक नतीजों पर टिकी हुई है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि सरकार की यह चेतावनी केवल दर्जे से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक उपक्रमों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

कुल मिलाकर, BHEL और SAIL के लिए अगले 12 महीने निर्णायक साबित होने वाले हैं। यदि कंपनियां वित्तीय मानकों को पूरा करने में सफल रहती हैं, तो वे अपना महारत्न दर्जा बरकरार रखेंगी। अन्यथा उन्हें नवरत्न श्रेणी में स्थानांतरित किया जा सकता है, जो उनके लिए प्रतिष्ठा और अधिकारों दोनों के लिहाज से बड़ा बदलाव होगा।

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