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मुकेश अंबानी का दावा, Jio की सफलता से निवेशकों के लिए खुलेंगे नए अवसर
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की 49वीं AGM में RIL के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने 'ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस' को मंज़ूरी दे दी है और इसे शुक्रवार, 19 जून को मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास फाइल किया जाएगा।
इसके अलावा, RIL के चेयरमैन ने बताया कि आकाश अंबानी, अनंत अंबानी और ईशा अंबानी - जो सभी RIL के डायरेक्टर हैं - पब्लिक लिस्टिंग प्रोसेस की अगुवाई कर रहे हैं। उनका मकसद "भविष्य में वैल्यू क्रिएशन की अगली पीढ़ी का नेतृत्व करना" है।
उन्होंने कहा, "जियो की प्रस्तावित लिस्टिंग दुनिया को दिखाएगी कि भारत ग्लोबल स्तर, ग्लोबल क्षमता और ग्लोबल वैल्यू वाली टेक्नोलॉजी कंपनियां बना सकता है।"
दूसरी ओर, AI के मामले को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि रिलायंस इंटेलिजेंस "इस दौर की कुछ सबसे बड़ी चुनौतियों को हल करने के लिए स्केल, संसाधन, आज़ादी और ज़िम्मेदारी" देगी।
भारत के अब तक के सबसे बड़े IPO से पहले जियो की प्रोग्रेस रिपोर्ट
ऑपरेशनल स्केल के मामले में, जियो का यूज़र बेस 524 मिलियन ग्राहकों के आंकड़े को पार कर गया है, जबकि इसका 5G सब्सक्राइबर बेस 268 मिलियन के आंकड़े से आगे निकल गया है।
ब्रॉडबैंड सेवाओं की बात करें तो, जियो एयरफाइबर पिछले साल दुनिया का सबसे बड़ा फिक्स्ड वायरलेस ब्रॉडबैंड ऑपरेटर बन गया। FY26 में जियो के नेटवर्क पर कुल डेटा ट्रैफ़िक 241 एक्साबाइट्स रहा, जिसमें साल-दर-साल 30.8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
जियो प्लेटफॉर्म्स FY26 रिपोर्ट
कंपनी का रेवेन्यू 1,46,885 करोड़ रुपये रहा, जिसमें साल-दर-साल 14.6% की बढ़ोतरी हुई, जबकि EBITDA 18.8% बढ़कर 76,255 करोड़ रुपये हो गया। FY26 में EBITDA मार्जिन 190 बेसिस पॉइंट्स सुधरकर 51.9% हो गया।
खास बात यह है कि टैक्स के बाद कंपनी का मुनाफ़ा पहली बार 30,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया, जिसमें साल-दर-साल 15.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
मार्केट में आने से पहले जियो के 5 कमिटमेंट्स
रिलायंस की 49वीं AGM में आकाश अंबानी ने कहा कि जियो ट्रू 5G भारत की अगली बड़ी डिजिटल छलांग की नींव रखेगा। प्लेटफ़ॉर्म की नेटवर्क स्लाइसिंग से हाई-परफ़ॉर्मेंस कनेक्टिविटी का एक नया स्तर संभव हो सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि जियो का लक्ष्य 2030 तक सभी ग्राहकों को 5G पर लाना है, साथ ही 6G स्टैंडर्ड्स में भारत की लीडरशिप की स्थिति को और मज़बूत करना है।
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