
New Delhi नई दिल्ली : सोमवार को शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतों में लगभग स्थिरता देखने को मिली, जबकि चांदी में गिरावट दर्ज की गई। बाजार में यह हलचल कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आगे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों में कमी के कारण देखने को मिली। निवेशकों ने वैश्विक आर्थिक संकेतों के बीच सावधानी के साथ कारोबार किया, जिसका सीधा असर कमोडिटी बाजार पर पड़ा।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के वायदा भाव में हल्की कमजोरी देखी गई। 5 अगस्त डिलीवरी वाला सोना 1,47,135 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला, जो पिछले बंद भाव 1,47,378 रुपये की तुलना में 243 रुपये यानी 0.16 प्रतिशत कम था। शुरुआती कारोबार के दौरान सोने में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
सुबह करीब 11 बजे तक सोना 1,47,177 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था, जो 200 रुपये यानी 0.14 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। दिन के दौरान सोने ने 1,47,032 रुपये का इंट्राडे लो छुआ, जो 346 रुपये की गिरावट थी, जबकि इसका उच्च स्तर 1,47,509 रुपये तक गया, जो मामूली बढ़त को दिखाता है। कुल मिलाकर सोने में उतार-चढ़ाव सीमित रहा और बाजार में स्पष्ट दिशा नहीं देखी गई।
विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित किया है, लेकिन फिलहाल कोई बड़ा ट्रेंड नहीं बन पाया है। इसी कारण सोने की कीमतें एक सीमित दायरे में बनी हुई हैं।
इस बीच, चांदी के बाजार में अधिक दबाव देखने को मिला। MCX पर सिल्वर फ्यूचर्स (4 सितंबर डिलीवरी) 2,36,393 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला, जो पिछले बंद भाव 2,37,410 रुपये से 1,017 रुपये यानी 0.42 प्रतिशत कम था। शुरुआती कारोबार में ही चांदी में गिरावट का रुझान साफ नजर आया।
आखिरी अपडेट तक चांदी 2,36,198 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी, जो 1,212 रुपये यानी 0.51 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। दिन के दौरान चांदी ने 2,36,001 रुपये का निचला स्तर छुआ, जो 1,409 रुपये की गिरावट थी, जबकि इसका उच्च स्तर 2,37,676 रुपये तक गया, जो मामूली बढ़त दिखाता है। कुल मिलाकर चांदी में सोने की तुलना में अधिक अस्थिरता और दबाव देखा गया।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की कीमतें औद्योगिक मांग से भी प्रभावित होती हैं, और वैश्विक आर्थिक सुस्ती के संकेतों के चलते इसमें दबाव बना हुआ है। वहीं सोना अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश विकल्प होने के कारण स्थिर बना हुआ है, लेकिन इसमें भी कोई मजबूत तेजी नहीं दिख रही है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, दोनों कीमती धातुओं में सीमित दायरे में कारोबार जारी है और निवेशक फिलहाल वैश्विक संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीति और कच्चे तेल की कीमतों की दिशा आने वाले दिनों में सोने और चांदी दोनों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जाता, तो सोने में स्थिरता बनी रह सकती है, जबकि चांदी में औद्योगिक मांग के आधार पर ही आगे की दिशा तय होगी। इसके अलावा, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक महंगाई के आंकड़े भी इन धातुओं की कीमतों को प्रभावित करेंगे।
निवेशकों के बीच फिलहाल सतर्कता का माहौल बना हुआ है और कोई भी बड़ा दांव लगाने से बचा जा रहा है। इसी कारण बाजार में वॉल्यूम भी अपेक्षाकृत कम देखा गया। विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले कुछ कारोबारी सत्रों में ही बाजार की दिशा स्पष्ट हो सकती है।
कुल मिलाकर, सोमवार का दिन कीमती धातुओं के बाजार के लिए मिश्रित रहा, जहां सोना लगभग स्थिर रहा और चांदी में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक आर्थिक संकेतों और नीतिगत फैसलों के आधार पर ही आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा तय होगी।





