
व्यापार | सोने की कीमतों में इस साल अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। 2025 में हर तीसरे दिन सोने ने नई ऊंचाई को छुआ, और एक साल में 37% की जबरदस्त तेजी के साथ सोने का भाव 3106 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है। इस तेज वृद्धि के पीछे वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, मुद्रास्फीति और निवेशकों का सुरक्षित संपत्ति की ओर झुकाव है।
सोने की कीमतों में यह उछाल किसी भी वित्तीय संकट के समय में निवेशकों द्वारा इसे एक सुरक्षित शरण के रूप में अपनाने की प्रवृत्ति को दर्शाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में भी सोने की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है, खासकर जब वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी रहेगी।
सोने के भाव में इतनी तेजी को लेकर विभिन्न अर्थशास्त्रियों और बाजार विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि अगर यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो यह आम उपभोक्ताओं के लिए एक चिंता का कारण बन सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो गोल्ड ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे हैं।
इस समय सोना सिर्फ एक निवेश के रूप में ही नहीं, बल्कि मुद्रास्फीति और वित्तीय संकट से बचने का एक प्रमुख उपाय बन चुका है।





