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1.56 लाख रुपये पर पहुंचा सोने का भाव

Kavita2
15 Aug 2026 4:12 PM IST
1.56 लाख रुपये पर पहुंचा सोने का भाव
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। मुनाफावसूली और कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते सोने के भाव में कमी आई। बाजार में आई गिरावट के बाद 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 800 रुपये घटकर 1,56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई।

इससे पहले गुरुवार को सोने की कीमत 1,57,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया तेजी के बाद निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली किए जाने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोर रुझान के कारण घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिला।

स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक, शुक्रवार को सोने की मांग में कुछ नरमी रही। ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद कई निवेशकों ने अपने निवेश से मुनाफा निकालना शुरू किया, जिसका असर सोने की कीमतों पर पड़ा। हालांकि, त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन को देखते हुए आने वाले समय में सोने की मांग में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने के साथ-साथ अन्य शुद्धता वाले सोने के भाव में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सोना निवेशकों के लिए लंबे समय से सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता रहा है। वैश्विक परिस्थितियों, डॉलर की स्थिति, ब्याज दरों और आर्थिक अनिश्चितताओं का सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ता है।

वहीं, चांदी की कीमतों में शुक्रवार को कोई बदलाव नहीं हुआ। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, चांदी का भाव 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) पर स्थिर रहा। चांदी बाजार में कारोबार सामान्य रहा और कीमतों में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिला।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों की दिशा पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। वैश्विक स्तर पर आर्थिक आंकड़े, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और भू-राजनीतिक परिस्थितियां आने वाले दिनों में सोने की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं।

सोने की कीमतों में गिरावट के बावजूद बाजार में निवेशकों की रुचि बनी हुई है। कई निवेशक कीमतों में कमी को खरीदारी के अवसर के रूप में भी देख रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश करने से पहले बाजार की स्थिति और भविष्य के रुझानों का आकलन करना जरूरी है।

भारत में सोने की मांग का बड़ा हिस्सा आभूषण बाजार से जुड़ा हुआ है। शादी-विवाह और त्योहारों के समय सोने की खरीदारी बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतों में होने वाला छोटा बदलाव भी ग्राहकों और व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

सर्राफा बाजार से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में घरेलू मांग और अंतरराष्ट्रीय संकेतों के आधार पर सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। यदि वैश्विक बाजार में मजबूती आती है तो घरेलू कीमतों में फिर तेजी देखने को मिल सकती है।

सोने और चांदी दोनों को भारतीय बाजार में पारंपरिक निवेश का माध्यम माना जाता है। जहां सोना आर्थिक अनिश्चितता के समय सुरक्षित विकल्प माना जाता है, वहीं चांदी का उपयोग औद्योगिक क्षेत्रों में भी बढ़ रहा है।

फिलहाल शुक्रवार की गिरावट के बाद सोने का भाव 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों की नजर अब आने वाले कारोबारी सत्रों पर है, जहां वैश्विक घटनाक्रम और निवेशकों की गतिविधियां कीमतों की दिशा तय करेंगी।

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