
व्यापार | सोने की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। हाल ही में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद, अब इसमें तेज गिरावट आई है। सोमवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 700 रुपये लुढ़ककर 90,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। गिरावट की यह बड़ी वजह रूस-यूक्रेन के बीच शांति समझौते की उम्मीदें मानी जा रही हैं।
सोने की कीमतों में गिरावट क्यों आई?
रूस-यूक्रेन शांति वार्ता: सऊदी अरब में यूक्रेन और अमेरिका के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत से उम्मीद है कि तीन साल से चला आ रहा यह संघर्ष जल्द ही खत्म हो सकता है।
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मुनाफावसूली का दौर: हाल ही में सोने के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे थे, जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया।
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डॉलर और बांड यील्ड में मजबूती: अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी बांड्स में मजबूती के कारण सोने की मांग में कमी आई है, जिससे इसकी कीमतों में गिरावट आई।
क्या आगे और गिर सकता है सोना?
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर रूस और यूक्रेन के बीच वास्तविक शांति समझौता होता है, तो सोने की कीमतों में और गिरावट देखी जा सकती है। हालांकि, अगर वार्ता विफल होती है या भू-राजनीतिक तनाव बना रहता है, तो सोना फिर से मजबूत हो सकता है।
चांदी भी हुई सस्ती
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों की सतर्कता के चलते चांदी की कीमतों में नरमी बनी हुई है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
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अगर आप लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, तो कुछ और गिरावट का इंतजार कर सकते हैं।
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कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए बाजार में जोखिम बना हुआ है।
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शादी-ब्याह के सीजन को देखते हुए अगर मांग बढ़ी, तो कीमतें फिर से ऊपर जा सकती हैं।
निष्कर्ष
रूस-यूक्रेन वार्ता से सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। अगर शांति समझौता होता है, तो सोना और सस्ता हो सकता है, लेकिन वैश्विक अस्थिरता के चलते इसमें अचानक उछाल भी संभव है। निवेशकों को सतर्कता से फैसले लेने की जरूरत है।





