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सोने के आयात
Gold Import: भारत के सर्राफा बाजारों में सोना के दाम में रिकॉर्ड तेजी के बावजूद निवेशकों का भरोसा इस बहुमूल्य पीली धातु पर अब भी मौजूद है. इसी का नतीजा है कि मार्च के महीने में विदेश से अरबों डॉलर का सोना भारत आयात किया गया. अखिल भारतीय सर्राफा संघ की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, गुरुवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 70 रुपये बढ़कर 98,170 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड उच्चस्तर पर पहुंच गई थी.
सोने के आयात में 192.13% की जोरदार उछाल
मार्च 2025 में भारत का सोना आयात 192.13% की जबरदस्त बढ़ोतरी के साथ 4.47 अरब डॉलर पर पहुंच गया. सोने की कीमतों में लगातार तेजी और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते निवेशकों का रुझान इस कीमती धातु की ओर बढ़ा है. वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2024 में यह आंकड़ा 1.53 अरब डॉलर था.
सुरक्षित निवेश का विकल्प बना सोना
वित्त वर्ष 2024-25 में कुल सोना आयात 27.27% की वृद्धि के साथ 58 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 45.54 अरब डॉलर था. यह दर्शाता है कि सोना निवेश के लिए सुरक्षित विकल्प बना हुआ है. बैंकों की मांग, डॉलर में कमजोरी और वैश्विक व्यापार तनाव इसके प्रमुख कारण हैं.
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची सोने की कीमत
दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 70 रुपये चढ़कर 98,170 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. दूसरी ओर, चांदी की कीमत 1,400 रुपये घटकर 98,000 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई. मार्च में चांदी का आयात 85.4% घटकर 11.93 करोड़ डॉलर और पूरे वर्ष में 11.24% घटकर 4.82 अरब डॉलर हो गया.
स्विट्जरलैंड से सबसे अधिक आया सोना
भारत का सबसे बड़ा सोना आपूर्तिकर्ता देश स्विट्जरलैंड (करीब 40% हिस्सेदारी) है. इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (16%) और दक्षिण अफ्रीका (10%) का स्थान है. कुल आयात में सोने की हिस्सेदारी 8% है. हालांकि, मात्रा के लिहाज से 2024-25 में आयात घटकर 757.15 टन रह गया, जबकि 2023-24 में यह 795.32 टन था.
भारत सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता
भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता है. आयात का अधिकांश भाग आभूषण उद्योग की मांग को पूरा करता है. मार्च में रत्न और आभूषण निर्यात 10.62% बढ़कर करीब तीन अरब डॉलर हो गया. हालांकि, पूरे वर्ष में यह घटकर 29.82 अरब डॉलर रह गया.
भारत का व्यापार घाटा घटा
सोने के आयात में इस उछाल के कारण मार्च में भारत का व्यापार घाटा 21.54 अरब डॉलर तक पहुंच गया. पूरे वित्त वर्ष 2023-24 में यह 282.82 अरब डॉलर रहा, जो अब तक का उच्चतम स्तर है. चालू खाता घाटा (CAD) भी बढ़कर अक्टूबर-दिसंबर 2024 तिमाही में 11.5 अरब डॉलर (GDP का 1.1%) हो गया. अप्रैल-दिसंबर में यह 37 अरब डॉलर (GDP का 1.3%) रहा.
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