
Business बिजनेस : सोने और चांदी के बाजार में मंगलवार को तेजी का रुख देखा गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों की बढ़ती मांग और वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण घरेलू कीमतों में वृद्धि हुई है। मंगलवार को सोने की कीमत में 1816 रुपये प्रति 10 ग्राम का इजाफा हुआ, जिससे 24 कैरेट गोल्ड का भाव 1.52 लाख रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर को पार कर गया।
सोने की कीमतों में यह बढ़त सोमवार को गिरावट के बाद आई है। सोमवार को सोने का रेट शुक्रवार की तुलना में काफी गिरा था। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेजी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की स्थिर मांग और डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत होना है। इसके अलावा, निवेशक सुरक्षा और मुद्रास्फीति से बचाव के लिए सोने में निवेश कर रहे हैं, जिससे घरेलू बाजार में कीमतें ऊपर गई हैं।
चांदी की कीमतों में भी मंगलवार को तेजी रही। घरेलू बाजार में चांदी का रेट बढ़कर 2,020 रुपये प्रति 100 ग्राम तक पहुंच गया। विशेषज्ञों ने कहा कि सोने और चांदी दोनों में उतार-चढ़ाव वैश्विक स्तर पर धातु की कीमतों और निवेशकों की भावना पर निर्भर करता है।
लंबे समय से सोने का रेट 1.50 लाख रुपये से 1.60 लाख रुपये के बीच बना हुआ था। इस रेंज में लगातार उतार-चढ़ाव के बाद मंगलवार को कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। पिछले कुछ महीनों में सोने और चांदी की कीमतें निवेशकों के लिए आकर्षक रही हैं, क्योंकि ये दोनों धातुएं आर्थिक अनिश्चितता और वैश्विक वित्तीय दबाव के समय में सुरक्षित निवेश का विकल्प मानी जाती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और बदलाव संभव है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की स्थिति, अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में आर्थिक संकेतक, और निवेशकों की मांग कीमतों पर असर डाल सकती है। घरेलू बाजार में भी त्योहारी मौसम और शादी के सीजन के कारण सोने की मांग बढ़ रही है, जिससे कीमतों में तेजी बनी हुई है।
सामान्य घरेलू निवेशक और जेवरात कारोबारियों के लिए यह समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वे धातुओं के बाजार की स्थिति पर ध्यान दें और आवश्यकतानुसार ही निवेश करें।
कुल मिलाकर, मंगलवार को सोने और चांदी के बाजार में तेजी ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। 24 कैरेट गोल्ड का भाव 1.52 लाख रुपये को पार कर गया है, जबकि चांदी भी बढ़त में रही। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक और घरेलू कारक दोनों ही धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए निवेशक सतर्क रहते हुए ही निवेश करें।





