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Gold Silver Price: अगले सप्ताह बदल सकते हैं सोने-चांदी के भाव, जानिए वजह

nidhi
8 Nov 2026 1:33 PM IST
Gold Silver Price: अगले सप्ताह बदल सकते हैं सोने-चांदी के भाव, जानिए वजह
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सोना-चांदी फिर होंगे महंगे या आएगी गिरावट?
नई दिल्ली: अगले हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि निवेशक अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव, वैश्विक महंगाई के आंकड़ों और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर रखे हुए हैं। विश्लेषकों का मानना ​​है कि पिछले हफ्ते आई तेजी के बावजूद, बुलियन (सोना-चांदी) बाजार में सतर्कता बनी रहेगी।
महंगाई पर नजर
अमेरिका, चीन, भारत, जर्मनी और जापान के महंगाई के आंकड़े कीमती धातुओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
निवेशक अमेरिका के रोजगार के आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के बयानों पर भी नजर रखेंगे, जिनसे भविष्य में ब्याज दरों को लेकर लिए जाने वाले फैसलों के संकेत मिल सकते हैं।
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज में कमोडिटी और करेंसी रिसर्च के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, प्रणव मेर ने कहा कि महंगाई और मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता के बीच सोने और चांदी की चाल कमजोर बनी हुई है।
भू-राजनीतिक दबाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर नए सैन्य हमलों की पुष्टि के बाद, वाशिंगटन और तेहरान के बीच फिर से बढ़े तनाव का असर 'सेफ-हेवन' (सुरक्षित निवेश) के रूप में सोने-चांदी की मांग पर पड़ सकता है।
निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता, और साथ ही रूस-यूक्रेन के बीच चल रही बातचीत के घटनाक्रमों पर भी बारीकी से नजर रखेंगे।
कच्चे तेल की कीमतों में कोई भी बड़ा बदलाव महंगाई के अनुमानों और बुलियन बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकता है।
साप्ताहिक तेजी
बाजार में अनिश्चितता के बावजूद, कीमती धातुओं में साप्ताहिक आधार पर अच्छी तेजी देखने को मिली।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, दिसंबर के सोने के वायदा भाव में 3,682 रुपये (लगभग 3 फीसदी) की उछाल आई और यह 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
चांदी के वायदा भाव में 5,655 रुपये (3.15 फीसदी) की तेजी आई और यह 1.84 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, कॉमेक्स (Comex) सोना 4.5 फीसदी उछलकर 4,074.9 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 5.4 फीसदी बढ़कर 51.94 डॉलर प्रति औंस हो गई।
आगे क्या होगा?
विश्लेषकों का मानना ​​है कि यह रिकवरी 'बार्गेन बाइंग' (कम कीमत पर खरीदारी), 'शॉर्ट-कवरिंग' और वैश्विक टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी के बीच 'सेफ-हेवन' के रूप में सोने-चांदी की मांग बढ़ने की वजह से आई है।
हालांकि, अमेरिका के मजबूत आर्थिक संकेतकों, ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर की चाल आगे होने वाली तेजी को सीमित कर सकती है।
चीन के आर्थिक आंकड़े औद्योगिक धातुओं, खासकर तांबे (कॉपर) के लिए महत्वपूर्ण बने रहेंगे।
घरेलू कारोबार पर दिवाली-बालिप्रतिपदा की छुट्टियों का भी असर पड़ेगा, जिसके चलते मंगलवार के सुबह के सत्र में कमोडिटी बाजार बंद रहेंगे। कुल मिलाकर, महंगाई के रुझान, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और त्योहारी मांग से यह तय होगा कि बुलियन (कीमती धातुओं) में सुधार का सिलसिला जारी रहेगा या फिर इस पर फिर से बिकवाली का दबाव बनेगा।
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