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Gold Silver Price: सोने ने पकड़ी रफ्तार, चांदी की कीमत भी बढ़ी

nidhi
9 Oct 2026 10:06 AM IST
Gold Silver Price: सोने ने पकड़ी रफ्तार, चांदी की कीमत भी बढ़ी
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डॉलर की नरमी से चमका सोना

बिजनेस डेस्क : सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी देखने को मिली। डॉलर की मजबूती में नरमी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से कीमती धातुओं को सहारा मिला। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़ी संभावनाओं, महंगाई के दबाव और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं। बाजार में इन घटनाक्रमों के कारण सोने और चांदी की चाल में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोने की कीमत एक प्रतिशत से अधिक बढ़कर 4,177.44 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंच गई। अमेरिकी सोना वायदा भी बढ़कर 4,202 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा। वहीं, चांदी की कीमत में लगभग 1.4 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। हालांकि, घरेलू बाजार में सोने और चांदी के भाव अंतरराष्ट्रीय कीमतों, रुपये की विनिमय दर और स्थानीय बाजार की परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
भारत में भी सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। शुक्रवार को उपलब्ध दरों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव लगभग 1,49,560 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव करीब 1,37,090 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। अलग-अलग शहरों, सराफा बाजारों और भाव अपडेट होने के समय के अनुसार कीमतों में अंतर संभव है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार में ताजा भाव की पुष्टि करना जरूरी है।
डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का असर
सोने की कीमतों पर अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो दूसरी मुद्राओं में सोना खरीदने वाले निवेशकों के लिए यह अपेक्षाकृत सस्ता हो सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग को समर्थन मिलने की संभावना रहती है। शुक्रवार को डॉलर की तेजी थमने और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी आने से सोने की कीमतों को सहारा मिला।
हालांकि, डॉलर और बॉन्ड यील्ड में बदलाव का असर हमेशा एक जैसा नहीं होता। बाजार में महंगाई की आशंका, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और आर्थिक विकास से जुड़े संकेत भी निवेशकों के फैसलों को प्रभावित करते हैं। इसलिए सोने की कीमतों में आई तेजी को बाजार की सभी चिंताओं के समाप्त होने का संकेत नहीं माना जा सकता।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति पर भी निवेशकों की नजर है। ब्याज दरें बढ़ने की संभावना से सोने जैसी ऐसी संपत्तियों पर दबाव पड़ सकता है, जिनसे नियमित ब्याज नहीं मिलता। वहीं, आर्थिक अनिश्चितता और सरकारी कर्ज को लेकर चिंता बढ़ने पर निवेशक सोने को वैकल्पिक निवेश के रूप में देख सकते हैं। फिलहाल बाजार में ब्याज दरों की संभावित दिशा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
चांदी की कीमतों में तेजी के क्या मायने हैं?
चांदी की कीमतों में आई तेजी ने भी कीमती धातुओं के बाजार को चर्चा में ला दिया है। शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी लगभग 1.4 प्रतिशत बढ़ी। हालांकि, एक दिन की तेजी के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी शुरू हो गई है। हाल के कारोबारी सत्रों में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
चांदी को केवल आभूषणों और निवेश के लिए इस्तेमाल होने वाली धातु के रूप में नहीं देखा जाता। इसका औद्योगिक उपयोग भी होता है, इसलिए इसकी कीमत पर औद्योगिक मांग और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े संकेतों का असर पड़ सकता है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में खरीद-बिक्री, डॉलर की चाल और निवेशकों की जोखिम लेने की इच्छा भी चांदी के भाव को प्रभावित करती है।
सोने और चांदी की कीमतें एक ही दिशा में चलें, यह जरूरी नहीं है। कई बार सोने में तेजी के बावजूद चांदी में गिरावट देखने को मिल सकती है। इसी तरह चांदी की कीमत बढ़ने के दौरान सोना स्थिर रह सकता है। इसलिए निवेशकों और खरीदारों को दोनों धातुओं के भाव अलग-अलग देखकर निर्णय लेना चाहिए।
भारत में सोने-चांदी के भाव कैसे तय होते हैं?
भारत में सोने और चांदी की कीमतें कई कारकों से प्रभावित होती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में धातुओं का भाव, रुपये और डॉलर के बीच विनिमय दर, आयात से जुड़ी लागत, स्थानीय मांग और करों का प्रभाव खुदरा कीमतों पर पड़ सकता है। इसके कारण एक ही दिन में अलग-अलग शहरों और बाजारों में कीमतों में थोड़ा अंतर दिखाई दे सकता है।
सोना खरीदते समय उसकी शुद्धता का ध्यान रखना जरूरी है। 24 कैरेट सोना उच्च शुद्धता वाला होता है, जबकि आभूषण बनाने में आम तौर पर 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है। आभूषणों की अंतिम कीमत में सोने के मूल भाव के अलावा मेकिंग चार्ज और लागू कर भी शामिल हो सकते हैं। इस वजह से दुकान पर मिलने वाली कीमत केवल घोषित सोने के भाव के बराबर नहीं होती।
चांदी खरीदने वालों को भी उसकी शुद्धता, वजन और बिल में दर्ज कीमत की जांच करनी चाहिए। यदि कोई खरीदार निवेश के उद्देश्य से सोना या चांदी खरीद रहा है, तो उसे खरीद मूल्य के साथ संभावित बिक्री मूल्य और अन्य खर्चों की जानकारी भी लेनी चाहिए।
क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा?
सोने और चांदी की कीमतों में तेजी के बीच खरीदारों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि अभी खरीदारी की जाए या बाजार में स्थिरता आने का इंतजार किया जाए। इसका जवाब हर व्यक्ति की जरूरत, बजट और निवेश की अवधि पर निर्भर करता है। आभूषण खरीदने वालों के लिए खरीदारी की तारीख और उपलब्ध बजट महत्वपूर्ण हो सकते हैं, जबकि निवेश करने वालों को कीमतों में उतार-चढ़ाव और अपने वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखना चाहिए।
केवल इस उम्मीद में खरीदारी करना कि कीमतें आगे भी बढ़ेंगी, जोखिम भरा हो सकता है। बाजार में तेजी के बाद गिरावट भी आ सकती है। इसी तरह, एक दिन की गिरावट को लगातार सस्ता होने का संकेत मानना भी उचित नहीं है। निवेश से पहले अलग-अलग समयावधि में कीमतों का रुझान समझना और अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार फैसला करना बेहतर रहता है।
निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि सोना और चांदी दोनों की कीमतों में जोखिम मौजूद है। जरूरत के लिए रखी गई रकम को केवल कीमत बढ़ने की उम्मीद में निवेश करना उचित नहीं है। बड़ी खरीदारी करने से पहले स्थानीय भाव की पुष्टि करना, शुद्धता की जांच करना और खरीद का पूरा बिल लेना उपयोगी कदम हैं।
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