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धनतेरस पर सोना-चांदी धड़ाम, बाजार में बंपर कारोबार

Rajeshwari Nishad
6 Nov 2026 7:46 PM IST
धनतेरस पर सोना-चांदी धड़ाम, बाजार में बंपर कारोबार
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बिज़नेस : धनतेरस के शुभ अवसर पर सोना और चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए शुक्रवार, 6 नवंबर को राहत भरी खबर सामने आई है। त्योहार के दिन घरेलू सर्राफा और वायदा बाजार में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। चांदी का भाव कारोबार के दौरान 4,500 रुपये से ज्यादा तक टूट गया, जबकि सोने की कीमत में भी 2,600 रुपये से अधिक की गिरावट देखने को मिली। पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव झेल रहे कीमती धातुओं के बाजार में आई इस नरमी ने धनतेरस पर खरीदारी करने वाले ग्राहकों को कुछ राहत दी है।

धनतेरस को हिंदू धर्म में सोना, चांदी, आभूषण और बर्तन खरीदने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। यही वजह है कि इस दिन देशभर के सर्राफा बाजारों में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में त्योहार के मौके पर कीमतों में गिरावट आने से बाजार में खरीदारी को लेकर उत्साह बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, सोने और चांदी के भाव में आई इस कमी के बावजूद इनकी कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
चांदी की कीमत में 4,555 रुपये तक की गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार को चांदी की कीमतों में सोने के मुकाबले ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी का वायदा भाव पिछले कारोबारी सत्र में 1,87,140 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत में यह 1,85,499 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। इस तरह शुरुआती कारोबार में चांदी 1,641 रुपये सस्ती हुई।
कारोबार के दौरान चांदी की कीमत में गिरावट और बढ़ गई। इसका भाव करीब 1,82,585 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। पिछले बंद भाव के मुकाबले यह लगभग 4,555 रुपये की गिरावट थी। प्रतिशत के हिसाब से देखें तो चांदी में करीब 2.43 फीसदी की कमजोरी दर्ज की गई। चांदी की कीमत में आई इस गिरावट ने उन ग्राहकों को राहत दी है, जो धनतेरस पर चांदी के सिक्के, बर्तन, पायल और अन्य आभूषण खरीदने की योजना बना रहे थे।
सोना भी 2,600 रुपये से ज्यादा सस्ता
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी शुक्रवार को गिरावट देखने को मिली। MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना पिछले कारोबारी सत्र में 1,44,095 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। शुक्रवार को कारोबार के दौरान इसकी कीमत घटकर करीब 1,42,161 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुली। इस तरह शुरुआती कारोबार में सोने की कीमत में 1,934 रुपये की कमी दर्ज की गई।
दिन के कारोबार में सोने की कीमत में गिरावट और बढ़ी तथा इसका भाव पिछले बंद स्तर से करीब 2,651 रुपये तक नीचे चला गया। इस गिरावट के बाद धनतेरस पर सोना खरीदने वाले ग्राहकों को पहले के मुकाबले कम कीमत पर खरीदारी का अवसर मिला। हालांकि, सोने की वास्तविक खुदरा कीमत शहर, शुद्धता, ज्वेलर और आभूषण की बनावट के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।
IBJA के अनुसार सोने-चांदी के नए भाव
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार 6 नवंबर को 999 शुद्धता वाला सोना 3,106 रुपये की गिरावट के साथ 1,41,023 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। वहीं, 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत में 5,437 रुपये की कमी आई और इसका भाव घटकर 1,81,863 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि धनतेरस के दिन दोनों कीमती धातुओं पर बिकवाली का दबाव बना रहा।
यहां ग्राहकों के लिए यह समझना जरूरी है कि MCX पर दिखने वाले भाव वायदा कारोबार के होते हैं, जबकि IBJA के भाव बुलियन बाजार के संदर्भ मूल्य हैं। इसलिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म और समय पर सोने-चांदी की कीमतों में अंतर दिखाई दे सकता है। इसके अलावा, आभूषण खरीदते समय जीएसटी, मेकिंग चार्ज और अन्य लागू शुल्क भी जुड़ते हैं।
आखिर क्यों गिर रहे हैं सोने और चांदी के दाम?
बाजार में आई इस गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों को प्रमुख वजह माना जा रहा है। गुरुवार को तेजी के बाद शुक्रवार को निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली की। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर में मजबूती और अमेरिका की आर्थिक परिस्थितियों को लेकर अनिश्चितता ने भी कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बनाया।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेशक अमेरिका के रोजगार संबंधी आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं। ब्याज दरों में संभावित बदलाव को लेकर अनिश्चितता रहने पर सोने और चांदी में निवेश का रुझान प्रभावित होता है। डॉलर मजबूत होने से दूसरे देशों के खरीदारों के लिए डॉलर में कारोबार करने वाली कीमती धातुएं महंगी हो सकती हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय मांग पर भी असर पड़ता है।
इसके साथ ही, पिछले कारोबारी सत्र में कीमतों में आई तेजी के बाद कई निवेशकों ने मुनाफा निकालना बेहतर समझा। जब निवेशक बड़े स्तर पर बिकवाली करते हैं तो बाजार में कीमतें नीचे आने लगती हैं। शुक्रवार को घरेलू बाजार में दिखाई दी कमजोरी के पीछे भी यह एक महत्वपूर्ण कारण रहा।
धनतेरस पर सर्राफा बाजार में खरीदारी का मौका
धनतेरस के दिन सोना-चांदी खरीदने की परंपरा के कारण देशभर के ज्वेलरी बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ जाती है। इस दिन लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार सोने के सिक्के, चांदी के सिक्के, बर्तन, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और आभूषण खरीदते हैं। कुछ लोग त्योहार पर की गई खरीदारी को निवेश के नजरिए से भी देखते हैं।
शुक्रवार को कीमतों में आई गिरावट ने ऐसे ग्राहकों को कुछ राहत दी है। विशेष रूप से चांदी के दाम में 4,500 रुपये से अधिक की कमी आने से चांदी के बर्तन, सिक्के और अन्य सामान खरीदने वालों को बाजार में बेहतर भाव मिलने की उम्मीद है। सोने की कीमतों में भी गिरावट से आभूषण खरीदने वाले परिवारों को फायदा हो सकता है।
हालांकि, ग्राहकों को खरीदारी से पहले अलग-अलग दुकानों पर भाव की तुलना करनी चाहिए। सोने के आभूषण लेते समय उसकी शुद्धता, हॉलमार्क और हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) नंबर की जांच करना जरूरी है। इसी तरह चांदी खरीदते समय भी उसकी शुद्धता और बिल पर दर्ज वजन व कीमत की जानकारी जरूर देखनी चाहिए।
आगे भी जारी रह सकता है कीमतों में उतार-चढ़ाव
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और निवेशकों की खरीद-बिक्री पर निर्भर करेगी। यदि डॉलर में मजबूती बनी रहती है और निवेशक मुनाफावसूली जारी रखते हैं तो कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिल सकता है। वहीं, वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने पर सोने की सुरक्षित निवेश के रूप में मांग दोबारा बढ़ सकती है।
चांदी के मामले में निवेशकों को औद्योगिक मांग पर भी नजर रखनी होगी, क्योंकि चांदी का इस्तेमाल आभूषणों के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी होता है। इसलिए इसकी कीमतों में कई अलग-अलग कारकों का प्रभाव देखने को मिलता है।
कुल मिलाकर धनतेरस के दिन सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने त्योहार की खरीदारी से पहले ग्राहकों को राहत दी है। चांदी 4,500 रुपये से अधिक और सोना 2,600 रुपये से ज्यादा तक सस्ता होने से खरीदारी करने वालों के लिए बाजार में बेहतर अवसर बना है। हालांकि, विशेषज्ञों की सलाह है कि केवल कीमतों में गिरावट देखकर जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से खरीदारी करनी चाहिए। साथ ही यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि बाजार में कीमतों का उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रह सकता है।
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