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धनतेरस से पहले सोना-चांदी महंगे, कीमतों में बड़ा उछाल

Rajeshwari Nishad
5 Nov 2026 12:19 PM IST
धनतेरस से पहले सोना-चांदी महंगे, कीमतों में बड़ा उछाल
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बिज़नेस : धनतेरस और दीपावली से पहले सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मिली करारी हार के बाद वैश्विक कमोडिटी बाजार में हलचल तेज हो गई है। इसका असर भारतीय सर्राफा और वायदा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से कीमती धातुओं को समर्थन मिला है। वहीं, धनतेरस से ठीक पहले कीमतों में आए इस उछाल ने आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है।

अमेरिकी चुनाव नतीजों के बाद सोने की कीमत दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गुरुवार को हाजिर सोना करीब 1.9 प्रतिशत बढ़कर 4,134.83 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमत करीब 1.7 प्रतिशत बढ़कर 53.12 डॉलर प्रति औंस दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और बॉन्ड से मिलने वाले रिटर्न में गिरावट सोने की मांग बढ़ाने वाले प्रमुख कारण हैं।
भारतीय बाजार में कितने बढ़े सोना-चांदी के दाम?
भारतीय वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर भी सोना और चांदी मजबूत हुए हैं। बुधवार को सोने का दिसंबर वायदा कारोबार के दौरान करीब 2.5 प्रतिशत बढ़कर 1,42,957 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। इसी दौरान चांदी की कीमत चार प्रतिशत से अधिक चढ़कर 1,87,422 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच गई।
बुधवार को कारोबार के एक चरण में चांदी करीब 5,575 रुपये प्रति किलोग्राम तक महंगी हुई थी। इसी वजह से बाजार में सोना-चांदी के दाम 5,500 रुपये से ज्यादा बढ़ने की चर्चा रही। हालांकि, यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से चांदी के वायदा भाव में दर्ज की गई थी।
ऑल इंडिया बुलियन के 5 नवंबर के शुरुआती बेंचमार्क के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत 1,44,524 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत 1,90,692 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। पिछले बेंचमार्क की तुलना में सोना 3,296 रुपये और चांदी 4,415 रुपये महंगी हुई। हालांकि, अलग-अलग शहरों में स्थानीय शुल्क और कारोबारी मार्जिन के कारण कीमतों में अंतर हो सकता है।
ट्रंप की हार से क्यों महंगा हुआ सोना?
अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राजनीतिक स्थिति को चुनौती दी है। डेमोक्रेट्स ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में नियंत्रण हासिल किया है। इससे आने वाले समय में ट्रंप प्रशासन के कई आर्थिक और राजनीतिक फैसलों पर अधिक निगरानी रहने की संभावना बढ़ गई है।
चुनावी नतीजों के बाद अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ और सरकारी बॉन्ड की यील्ड में गिरावट आई। इसका फायदा सोने को मिला। दरअसल, जब डॉलर कमजोर होता है तो अन्य मुद्राओं का इस्तेमाल करने वाले निवेशकों के लिए डॉलर में खरीदा जाने वाला सोना अपेक्षाकृत सस्ता पड़ता है।
इसके अलावा बॉन्ड यील्ड कम होने पर निवेशकों का आकर्षण सोने की तरफ बढ़ सकता है, क्योंकि सोना अपने आप में ब्याज नहीं देता। ऐसे में निवेशकों ने कीमती धातुओं में खरीदारी बढ़ाई, जिससे कीमतों में तेजी देखने को मिली।
ईरान युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों का असर
बाजार में तेजी के पीछे केवल अमेरिकी चुनाव नतीजे ही जिम्मेदार नहीं हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव, ईरान युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव भी सोना-चांदी की चाल को प्रभावित कर रहे हैं।
अमेरिकी चुनावों के बाद ऐसी उम्मीदें बढ़ी हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप पर ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए राजनीतिक दबाव बढ़ सकता है। इस संभावना के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है।
तेल सस्ता होने से महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद बनती है। इसका प्रभाव अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़ी संभावनाओं पर भी पड़ता है। हालांकि, आने वाले दिनों में ब्याज दरों की दिशा क्या होगी, यह आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के फैसलों पर निर्भर करेगा।
धनतेरस से पहले ग्राहकों की बढ़ी चिंता
इस वर्ष धनतेरस 6 नवंबर को मनाई जाएगी। धनतेरस के अवसर पर सोना, चांदी, सिक्के और आभूषण खरीदना शुभ माना जाता है। यही वजह है कि त्योहार से पहले सर्राफा बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ जाती है।
लेकिन इस बार धनतेरस से ठीक पहले कीमतों में आई तेजी ने ग्राहकों का बजट प्रभावित किया है। जिन लोगों ने पहले से आभूषण खरीदने की योजना बनाई थी, उन्हें अब अधिक रकम खर्च करनी पड़ सकती है।
हालांकि, सर्राफा कारोबारियों को उम्मीद है कि ऊंची कीमतों के बावजूद त्योहार की मांग बनी रहेगी। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता ने धनतेरस पर सोने की बिक्री की मात्रा में पिछले वर्ष के मुकाबले 12 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना जताई है। यह अनुमान है, वास्तविक बिक्री का आंकड़ा नहीं।
आगे और बढ़ेंगे सोना-चांदी के भाव?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अमेरिकी डॉलर, बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल की कीमतें और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
इसके साथ ही अमेरिकी रोजगार के आगामी आंकड़ों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। मजबूत रोजगार आंकड़े ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रखने की संभावना बढ़ा सकते हैं, जबकि कमजोर आंकड़े सोने को समर्थन दे सकते हैं।
भारतीय ग्राहकों के लिए रुपये और डॉलर की विनिमय दर भी महत्वपूर्ण है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना सस्ता होता है, लेकिन डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर पड़ता है, तो घरेलू बाजार में कीमतों में अपेक्षित राहत नहीं मिल सकती।
खरीदारी करने वालों के लिए जरूरी सलाह
धनतेरस पर सोने के आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों को केवल प्रति ग्राम कीमत ही नहीं, बल्कि मेकिंग चार्ज और जीएसटी पर भी ध्यान देना चाहिए। सोने की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए बीआईएस हॉलमार्क और एचयूआईडी की जांच करना जरूरी है।
इसके अलावा अलग-अलग ज्वेलर्स की कीमतों की तुलना करना भी फायदेमंद हो सकता है। निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करने वालों को बाजार की अस्थिरता और अपनी आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए।
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