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Gemini अब Chrome में करेगा बुकिंग से शॉपिंग तक मदद, भारत में शुरू हुआ फीचर

nidhi
7 Oct 2026 12:17 PM IST
Gemini अब Chrome में करेगा बुकिंग से शॉपिंग तक मदद, भारत में शुरू हुआ फीचर
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भारत में Android Chrome पर Gemini लाइव
टेक डेस्क: Google ने भारत में Android यूजर्स के लिए Chrome ब्राउजर में Gemini की उपलब्धता बढ़ा दी है। इसके साथ ही Google AI Pro और Google AI Ultra सब्सक्राइबर्स के लिए ‘Auto Browse’ फीचर भी रोल आउट किया जा रहा है। इस फीचर की मदद से Gemini सिर्फ वेबपेज का सार बताने या सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कई स्टेप वाले ऑनलाइन काम भी यूजर की ओर से पूरा कर सकेगा।
Google के मुताबिक Auto Browse की मदद से यूजर Gemini से प्रोडक्ट्स की तुलना करने, बेहतर डील खोजने, सामान कार्ट में जोड़ने, होटल या ट्रैवल स्टे ढूंढने, रेस्टोरेंट रिजर्वेशन करने और अपॉइंटमेंट शेड्यूल करने जैसे काम करवा सकता है। इस दौरान Gemini अलग-अलग वेबसाइट्स का इस्तेमाल करके पूरा टास्क आगे बढ़ा सकता है।
भारत में Auto Browse फिलहाल Google AI Pro और Google AI Ultra प्लान वाले यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। Google One की आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह फीचर भारत और अमेरिका में उपलब्ध है। इसके इस्तेमाल के लिए यूजर की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए और Chrome का वर्जन 144 या उससे नया होना चाहिए।
Android पर इस फीचर का इस्तेमाल करने के लिए यूजर को Chrome में अपने Google अकाउंट से साइन इन रहना होगा। इसके अलावा Gemini in Chrome को ऑन करना और ब्राउजर को जरूरी परमिशन देना भी आवश्यक है। कुछ सहायता पेज यह भी बताते हैं कि डिवाइस की भाषा अंग्रेजी पर सेट होनी चाहिए और Safe Browsing को Standard या Enhanced Protection पर रखना जरूरी है।
Auto Browse की सबसे खास बात इसका ‘agentic’ व्यवहार है। सामान्य AI असिस्टेंट यूजर के सवाल का जवाब देता है, जबकि यह फीचर दिए गए निर्देश को छोटे-छोटे चरणों में बांटकर खुद वेब पर आगे बढ़ सकता है। उदाहरण के तौर पर यूजर कह सकता है कि किसी खास तारीख के लिए होटल ढूंढो, कीमतों की तुलना करो और दिए गए बजट के भीतर बेहतर विकल्प चुनो।
किसी टास्क को शुरू करने से पहले Gemini यूजर को अपनी योजना दिखाता है। यूजर उसे जांचने के बाद ‘Start Task’ पर टैप कर सकता है। इसके बाद Gemini संबंधित वेबसाइट्स पर जाकर टास्क पूरा करने की कोशिश करता है। अगर किसी संवेदनशील कार्रवाई में पुष्टि की जरूरत होती है तो सिस्टम यूजर से अनुमति मांग सकता है।
Google ने इस फीचर में सुरक्षा को लेकर भी कुछ नियंत्रण दिए हैं। कंपनी का कहना है कि उसके मॉडल ज्ञात खतरों, जैसे prompt injection, को पहचानने के लिए प्रशिक्षित किए गए हैं। साथ ही कुछ संवेदनशील कामों को अंतिम रूप देने से पहले यूजर कन्फर्मेशन जरूरी रखा गया है।
Auto Browse इस्तेमाल करते समय यूजर को लगातार Chrome ऐप में बने रहने की भी जरूरत नहीं है। टास्क शुरू करने के बाद वह फोन पर दूसरे काम कर सकता है। टास्क पूरा होने या किसी जगह यूजर की जरूरत पड़ने पर Chrome नोटिफिकेशन दे सकता है।
इस फीचर की कुछ सीमाएं भी हैं। Google AI Pro प्लान के साथ यूजर प्रतिदिन अधिकतम 20 मल्टी-स्टेप Auto Browse रिक्वेस्ट कर सकता है, जबकि Google AI Ultra प्लान में यह सीमा 200 रिक्वेस्ट प्रतिदिन तक है।
इसके अलावा Auto Browse फिलहाल Incognito Mode में उपलब्ध नहीं है। स्कूल और वर्क अकाउंट पर भी इसकी उपलब्धता एडमिन की सेटिंग पर निर्भर कर सकती है। Google धीरे-धीरे इस फीचर को रोल आउट कर रहा है, इसलिए सभी पात्र यूजर्स को यह एक साथ दिखाई दे, जरूरी नहीं है।
Chrome में Gemini की मौजूदगी यूजर को सीधे वेबपेज से सवाल पूछने, कंटेंट समझने और लंबी जानकारी का सार पाने की सुविधा भी देती है। Google पहले अमेरिका में Android पर Gemini in Chrome को बड़े स्तर पर उपलब्ध करा चुका था और अब भारत में भी इसके एजेंटिक फीचर्स का विस्तार दिखाई दे रहा है।
Google की यह पहल मोबाइल ब्राउजिंग को पारंपरिक सर्च और क्लिकिंग से आगे ले जाने की कोशिश है। अब कंपनी का फोकस ऐसे AI ब्राउजर अनुभव पर है, जहां यूजर केवल जानकारी न पाए बल्कि AI से वेब पर काम भी करवा सके।
भारत में Android Chrome पर Gemini और Auto Browse का रोलआउट इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। फिलहाल इसका सबसे बड़ा फायदा Google AI Pro और Ultra सब्सक्राइबर्स को मिलेगा, लेकिन भविष्य में इसकी उपलब्धता और दायरा बढ़ाया जा सकता है।
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