
Mumbai मुंबई: गलाडा पावर एंड टेलीकम्युनिकेशन लिमिटेड ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त वित्तीय वर्ष और तिमाही के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय परिणाम जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस अवधि में कुल 3,440.06 लाख रुपये की सालाना आय दर्ज की है, लेकिन बढ़ते परिचालन खर्चों के कारण उसे शुद्ध घाटे का सामना करना पड़ा है।
कंपनी की कुल आय में मुख्य रूप से परिचालन से प्राप्त 3,365.25 लाख रुपये का राजस्व शामिल है, जबकि अन्य स्रोतों से 74.81 लाख रुपये की आय दर्ज की गई है। हालांकि आय के ये आंकड़े सकारात्मक दिखाई देते हैं, लेकिन कंपनी के खर्चों ने वित्तीय स्थिति पर दबाव बना दिया है।
समीक्षा अवधि में कंपनी का कुल व्यय 4,501.79 लाख रुपये तक पहुंच गया। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा कच्चे माल और अन्य सामग्री के उपयोग पर खर्च हुआ, जो 2,630.01 लाख रुपये रहा। इसके अलावा कर्मचारियों पर होने वाला खर्च 445.69 लाख रुपये दर्ज किया गया, जो कंपनी के कुल व्यय का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
बढ़े हुए खर्चों और सीमित लाभ के चलते कंपनी को पूरे वित्तीय वर्ष में नेट लॉस का सामना करना पड़ा है। हालांकि इसके बावजूद कंपनी ने अपने उत्पादन कार्यों को जारी रखा है। गलाडा पावर एंड टेलीकम्युनिकेशन लिमिटेड अपनी हैदराबाद और सिलवासा स्थित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में संचालन बनाए हुए है।
कंपनी के लिए राहत की बात यह रही कि ऑडिटर्स ने वित्तीय परिणामों पर “अनमॉडिफाइड ओपिनियन” दी है, जिसका अर्थ है कि वित्तीय विवरणों में किसी प्रकार की गंभीर अनियमितता नहीं पाई गई है और रिपोर्टिंग मानकों के अनुसार उन्हें सही माना गया है।
विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी को अपने खर्चों पर नियंत्रण और उत्पादन दक्षता में सुधार करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में लाभ की स्थिति में लौट सकें। मौजूदा स्थिति में कंपनी के सामने परिचालन लागत को संतुलित करने और रेवेन्यू बढ़ाने की चुनौती बनी हुई है।
हालांकि कंपनी का उत्पादन जारी रहना और दो प्रमुख यूनिट्स का सक्रिय रहना यह संकेत देता है कि वह अपने बिजनेस मॉडल को बनाए रखने और भविष्य में सुधार की संभावनाओं पर काम कर रही है।
फिलहाल कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती लागत नियंत्रण और स्थिर राजस्व वृद्धि है, जिस पर आने वाले वित्तीय वर्ष में विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है।





