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दिग्गज निवेशकों की पसंद बना Foseco India शेयर बाजार में बढ़ी हलचल

Ratna Netam
30 Aug 2026 8:50 PM IST
दिग्गज निवेशकों की पसंद बना Foseco India शेयर बाजार में बढ़ी हलचल
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नई दिल्ली। शेयर बाजार में एक केमिकल कंपनी के शेयर ने दिग्गज निवेशकों का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। यह कंपनी है **फोसेको इंडिया लिमिटेड (Foseco India)**। 27 अगस्त को कंपनी के शेयरों में हुई बड़ी ब्लॉक डील में नारायण मूर्ति के फैमिली ऑफिस कैटामरन वेंचर्स से लेकर मॉर्गन स्टेनली, LIC म्यूचुअल फंड, SBI म्यूचुअल फंड, मिराए एसेट और इनवेस्को जैसे बड़े संस्थागत निवेशकों ने हिस्सेदारी खरीदी। सभी प्रमुख सौदे 5,897 रुपये प्रति शेयर के भाव पर हुए।
इस ब्लॉक डील का कुल आकार करीब 678.6 करोड़ रुपये रहा। खास बात यह है कि एक तरफ कंपनी के पुराने बड़े शेयरधारकों ने अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी, तो दूसरी तरफ कई बड़े घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशक उसी हिस्सेदारी को खरीदने के लिए सामने आए। इसी वजह से अब फोसेको इंडिया के शेयर पर बाजार की नजर बनी हुई है।
नारायण मूर्ति के फैमिली ऑफिस ने खरीदे 55,978 शेयर
इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति के परिवार से जुड़ी निवेश कंपनी **कैटामरन वेंचर्स LLP** ने फोसेको इंडिया में 55,978 शेयर खरीदे हैं।
NSE पर उपलब्ध ब्लॉक डील के आंकड़ों के मुताबिक कैटामरन ने ये शेयर 5,897 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदे। इस हिसाब से निवेश का मूल्य करीब 33 करोड़ रुपये बैठता है।
कैटामरन वेंचर्स देश के चर्चित फैमिली ऑफिस निवेश प्लेटफॉर्म में शामिल है। ऐसे में किसी सूचीबद्ध कंपनी में इसकी बड़ी खरीदारी निवेशकों का ध्यान आकर्षित करती है।
हालांकि, किसी बड़े निवेशक द्वारा शेयर खरीदना अपने आप में भविष्य में रिटर्न की गारंटी नहीं होता। निवेशकों के लिए कंपनी के कारोबार, वैल्यूएशन और जोखिमों को भी समझना जरूरी है।
SBI म्यूचुअल फंड सबसे बड़ा खरीदार
इस ब्लॉक डील में सबसे ज्यादा शेयर **SBI म्यूचुअल फंड** ने खरीदे।
आंकड़ों के मुताबिक SBI म्यूचुअल फंड ने फोसेको इंडिया के 3,22,297 शेयर 5,897 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदे। सौदे की वैल्यू करीब 190 करोड़ रुपये रही। यह कंपनी की करीब 4.28 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है।
इसके बाद मिराए एसेट म्यूचुअल फंड ने 2,91,793 शेयर खरीदे। इन शेयरों की कीमत करीब 172 करोड़ रुपये रही।
इनवेस्को म्यूचुअल फंड ने 2,54,446 शेयर खरीदे, जिनकी डील वैल्यू करीब 150 करोड़ रुपये रही।
इस तरह केवल इन तीन म्यूचुअल फंड हाउसों ने ही इस ब्लॉक डील का बड़ा हिस्सा अपने नाम कर लिया।
LIC और मॉर्गन स्टेनली ने भी लगाया पैसा
फोसेको इंडिया में खरीदारी करने वाले बड़े नामों की सूची यहीं खत्म नहीं होती।
LIC म्यूचुअल फंड ने 42,577 शेयर खरीदे। मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर ने भी इतनी ही संख्या में यानी 42,577 शेयरों की खरीदारी की।
दोनों के सौदों का मूल्य अलग-अलग करीब 25.1 करोड़ रुपये रहा।
इसके अलावा सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स सिंगापुर ने भी 42,577 शेयर खरीदे, जबकि मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड ने भी 42,577 शेयर अपने पोर्टफोलियो में जोड़े।
महिंद्रा मैनुलाइफ म्यूचुअल फंड ने 55,978 शेयर खरीदे। इस डील की कीमत करीब 33 करोड़ रुपये रही।
इस तरह एक ही ब्लॉक डील में घरेलू म्यूचुअल फंड, विदेशी संस्थागत निवेशक और एक प्रमुख भारतीय फैमिली ऑफिस सभी खरीदार के तौर पर सामने आए।
किसने कितने शेयर खरीदे?
27 अगस्त की ब्लॉक डील के आंकड़ों के मुताबिक फोसेको इंडिया के शेयर खरीदने वालों में SBI म्यूचुअल फंड ने 3,22,297 शेयर, मिराए एसेट म्यूचुअल फंड ने 2,91,793 शेयर और इनवेस्को म्यूचुअल फंड ने 2,54,446 शेयर खरीदे।
कैटामरन वेंचर्स और महिंद्रा मैनुलाइफ म्यूचुअल फंड ने 55,978-55,978 शेयर खरीदे।
LIC म्यूचुअल फंड, मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स सिंगापुर और मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड ने 42,577-42,577 शेयर खरीदे। ([sgxnifty.org][4])
सभी शेयर 5,897 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदे गए।
आखिर इतने शेयर बाजार में आए कहां से?
इतनी बड़ी खरीदारी के पीछे कंपनी के दो बड़े शेयरधारकों की पूरी हिस्सेदारी बिक्री रही।
मॉर्गन टेरासेन बीवी ने फोसेको इंडिया के 5,60,056 शेयर बेचे। यह कंपनी की करीब 7.43 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
वहीं मॉर्गनाइट क्रूसिबल लिमिटेड ने 5,90,744 शेयर बेचे, जो करीब 7.84 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर थे।
दोनों ने मिलकर कुल **11,50,800 शेयर** बेचे। ये शेयर 5,897 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचे गए और कुल सौदे का मूल्य करीब **678.6 करोड़ रुपये** रहा।
इसके साथ इन विक्रेताओं की फोसेको इंडिया में संबंधित हिस्सेदारी पूरी तरह निकल गई।
यानी बाजार में जो बड़ी संस्थागत खरीदारी दिखाई दी, उसके पीछे दूसरी तरफ उतनी ही बड़ी हिस्सेदारी बिक्री भी मौजूद थी।
डील के बाद शेयर में दिखी तेजी
ब्लॉक डील के दिन फोसेको इंडिया के शेयर में भी सकारात्मक हलचल दिखाई दी।
27 अगस्त को शेयर करीब 0.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ 6,110.50 रुपये के आसपास बंद हुआ और उस समय तक लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी दर्ज की गई थी।
लाइव हिन्दुस्तान की 30 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक शेयर ने एक सप्ताह में 18 प्रतिशत से अधिक और एक महीने में करीब 27 प्रतिशत का रिटर्न दिया था।
2026 में उस समय तक शेयर करीब 29 प्रतिशत ऊपर था। तीन साल में लगभग 71 प्रतिशत और पांच साल की अवधि में करीब 324 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी। हालांकि पिछले प्रदर्शन से भविष्य के रिटर्न का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
क्या करती है फोसेको इंडिया?
फोसेको इंडिया फाउंड्री उद्योग से जुड़ी कंपनी है। यह आयरन, स्टील और नॉन-फेरस फाउंड्री उद्योगों के लिए कंज्यूमेबल्स और उपकरण उपलब्ध कराती है।
फाउंड्री उद्योग ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, मशीनरी, रेलवे और औद्योगिक विनिर्माण जैसे क्षेत्रों से जुड़ा होता है। इसलिए ऐसे कारोबार की मांग व्यापक औद्योगिक गतिविधियों और मैन्युफैक्चरिंग साइकल से प्रभावित हो सकती है।
यही वजह है कि फोसेको इंडिया जैसे शेयरों में निवेश करते समय केवल हालिया तेजी नहीं बल्कि कंपनी की कमाई, ऑर्डर डिमांड, मार्जिन और औद्योगिक मांग को भी देखना जरूरी होता है।
बड़े निवेशकों की खरीदारी का क्या मतलब?
किसी शेयर में SBI म्यूचुअल फंड, LIC म्यूचुअल फंड, मिराए एसेट, इनवेस्को, मॉर्गन स्टेनली और नारायण मूर्ति के फैमिली ऑफिस जैसे नामों का एक साथ खरीदार के रूप में आना बाजार में चर्चा पैदा करना स्वाभाविक है।
संस्थागत निवेशक आम तौर पर कंपनी के कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन, भविष्य की संभावनाओं और वैल्यूएशन का अध्ययन करने के बाद बड़ी रकम लगाते हैं।
लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि रिटेल निवेशक भी केवल इन बड़े नामों को देखकर शेयर खरीद लें।
इस मामले में यह समझना भी जरूरी है कि ब्लॉक डील में एक बड़ा मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचकर बाहर निकला है। इसलिए पूरी तस्वीर को खरीद और बिक्री दोनों पहलुओं से देखना चाहिए।
क्या अब शेयर खरीद लेना चाहिए?
फोसेको इंडिया में हुई 678 करोड़ रुपये से अधिक की ब्लॉक डील ने निश्चित तौर पर बाजार का ध्यान खींचा है। खासकर खरीदारों की सूची इसे और दिलचस्प बनाती है।
लेकिन पिछले कुछ समय में शेयर पहले ही तेजी दिखा चुका है। ऐसे में निवेश का फैसला केवल संस्थागत खरीदारी या पिछले रिटर्न को देखकर करना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
निवेशकों को कंपनी की मौजूदा वैल्यूएशन, कमाई की वृद्धि, कारोबार के जोखिम, शेयर की लिक्विडिटी और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखना चाहिए।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 27 अगस्त की डील में फोसेको इंडिया के करीब 11.50 लाख शेयरों का मालिकाना हक बड़े विक्रेताओं से कई घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों के पास चला गया है। नारायण मूर्ति के फैमिली ऑफिस से लेकर SBI म्यूचुअल फंड, LIC म्यूचुअल फंड और मॉर्गन स्टेनली तक के खरीदार बनने से यह स्टॉक अब बाजार के रडार पर है।
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