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नवंबर के महीने में बढ़ा विदेशी निवेशक, अब तक आए 50 हजार करोड़ FPI

Kunti
22 Nov 2020 3:41 PM GMT
नवंबर के महीने में बढ़ा विदेशी निवेशक, अब तक आए 50 हजार करोड़ FPI
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नवंबर के महीने में बढ़ा विदेशी निवेशक, अब तक आए 50 हजार करोड़ FPI

पिछले आठ महीनों में फॉरन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स ने भारतीय इक्विटी बाजार में 1.4 लाख करोड़ रुपये डाले हैं।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क : पिछले आठ महीनों में फॉरन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स ने भारतीय इक्विटी बाजार में 1.4 लाख करोड़ रुपये डाले हैं। यह किसी एक वित्त वर्ष में अब तक सबसे ज्यादा है। इससे पहले वित्त वर्ष 2012-13 में FPI ने 1 लाख 40 हजार 33 करोड़ रुपये डाले थे। 1 अप्रैल से अब तक इन्होंने भारतीय इक्विटी मार्केट में 1 लाख 40 हजार 295 करोड़ रुपये डाले हैं। FPI में फॉरन इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स और फॉरन इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स दोनों आते हैं।

अब तक करीब 50 हजार करोड़ निवेश

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने इस महीने में अब तक भारतीय बाजारों में 49,553 करोड़ रुपये डाले हैं। उच्च तरलता की स्थिति तथा अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों को लेकर असमंजस दूर होने के बाद वैश्विक संकेतक बेहतर हुए हैं, जिससे भारतीय बाजारों में एफपीआई का निवेश बढ़ा है। एफपीआई ने 3 से 20 नवंबर के दौरान शेयरों में शुद्ध रूप से 44,378 करोड़ रुपये तथा डेट और बॉन्ड मार्केट में 5,175 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस तरह का उनका कुल निवेश 49,553 करोड़ रुपये रहा है।

अक्टूबर में 22 हजार करोड़ FPI

अक्टूबर में एफपीआई ने भारतीय बाजारों में 22,033 करोड़ रुपये डाले थे। ग्रो के सह-संस्थापक एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) हर्ष जैन ने कहा कि तरलता की स्थिति बेहतर रहने और वैश्विक संकेतकों में सुधार से एफपीआई का भारतीय बाजारों में निवेश बढ़ा है। अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर असमंजस दूर होने के बाद एफपीआई निवेश बढ़ा रहे है। इसी तरह की राय जताते हुए कोटक सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष-प्रमुख बुनियादी शोध-पीसीजी रुस्मिक ओझा ने कहा कि अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों के नतीजों के बाद एफपीआई का निवेश बढ़ा है। वैश्विक स्तर पर निवेशकों को उम्मीद है कि निकट भविष्य में डॉलर और कमजोर होगा।

वैक्सीन से जुड़ी खबरों से तय होगी बाजार की दिशा

जानकारों का कहना है कि कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों तथा डेरिवेटिव्स अनुबंधों के निपटान की वजह से इस सप्ताह शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा कोविड-19 के टीके से संबंधित खबरों, अमेरिका में प्रोत्साहन उपायों की चर्चा तथा वैश्विक रुख बाजार की दिशा तय करेंगे। सैमको सिक्योरिटीज की शोध विश्लेषक निराली शाह ने कहा कि आगे बड़े शेयरों में करेक्शन आ सकता है। तिमाही नतीजों का सीजन समाप्त हो गया है। ऐसे में निवेशकों की निगाह वैश्विक संकेतकों तथा वैक्सीन से जुड़ी खबरों पर रहेगी।

FPI के कारण बाजार में बायर्स हावी

बाजार में जारी बुल को लेकर जानकारों का कहना है कि नवंबर के महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने बड़े पैमाने पर खरीदारी की है, जिसके कारण शेयर बाजार में बुल है। लॉकडाउन के दौरान FPI ने इस तरह की खरीदारी नहीं की थी। नवंबर के महीने में शुरुआती 20 दिनों में 44 हजार करोड़ से ज्यादा का नेट इन्फ्लो आया है। इस दौरान सेंसेक्स में 4200 से ज्यादा अंकों यानी करीब 11 फीसदी की तेजी आई है। उनका ये भी कहना है कि दिसंबर अंत तक विदेशी निवेशकों की तरफ से निवेश में गिरावट दर्ज की जाएगी जिसके कारण मार्केट में हेल्दी करेक्शन होगा।

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