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वेयरहाउस में गंदगी का अंबार Zepto पर खाद्य विभाग की रेड

Ratna Netam
11 Aug 2026 9:45 PM IST
वेयरहाउस में गंदगी का अंबार Zepto पर खाद्य विभाग की रेड
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बेंगलुरु : कर्नाटक में खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के बीच बेंगलुरु के बाहरी इलाके होसकोटे में क्विक-कॉमर्स कंपनी जेप्टो (Zepto) के एक वेयरहाउस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को वेयरहाउस में खाद्य पदार्थों के रखरखाव, हैंडलिंग और साफ-सफाई से जुड़ी कई गंभीर कमियां मिलीं। अधिकारियों के अनुसार, वेयरहाउस में स्वच्छता की स्थिति संतोषजनक नहीं थी। इस कार्रवाई के बाद क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए खाद्य सामान की स्टोरेज और सप्लाई व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब कर्नाटक का खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग खाद्य पदार्थों की तैयारी, भंडारण, पैकेजिंग और आपूर्ति से जुड़े प्रतिष्ठानों की व्यापक जांच कर रहा है। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले खाद्य पदार्थ निर्धारित खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों। इसी अभियान के तहत अधिकारियों की टीमें अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों के रखरखाव और साफ-सफाई की स्थिति का जायजा ले रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, विभाग ने बेंगलुरु की कई इंदिरा कैंटीन की रसोई और खाद्य तैयारी इकाइयों का भी निरीक्षण किया। गोट्टीगेरे, लिंगराजापुरम और सिंगसंद्रा स्थित यूनिट्स में अधिकारियों ने भोजन की गुणवत्ता, स्टोरेज व्यवस्था, लेबलिंग, खाद्य पदार्थों को संभालने के तरीके और स्वच्छता मानकों की जांच की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कई स्थानों पर नियमों के उल्लंघन की शिकायतें और कमियां मिलीं।
कुछ इकाइयों में खाद्य उत्पादों की लेबलिंग से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। अधिकारियों को कुछ खाद्य पदार्थों में गलत जानकारी और मिसब्रांडिंग से जुड़ी समस्याएं भी मिलीं। इसके अलावा खाद्य पदार्थों को रखने और संभालने की प्रक्रिया में भी आवश्यक स्वच्छता मानकों का पालन नहीं किया गया था। विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबार संचालकों को नोटिस जारी करते हुए आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है।
गोट्टीगेरे स्थित इंदिरा कैंटीन के एक वेयरहाउस पर भी अधिकारियों ने गंभीर कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान वहां खाद्य पदार्थों की हैंडलिंग और स्टोरेज व्यवस्था अस्वच्छ पाई गई, जिसके बाद अधिकारियों ने वेयरहाउस को सील कर दिया। जांच टीमों ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों से दाल, हल्दी पाउडर, खाना पकाने का तेल, गुड़, नमक, चीनी और तैयार खाद्य पदार्थों सहित कई खाद्य वस्तुओं के नमूने भी लिए। इन नमूनों को निर्धारित खाद्य प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजा गया है। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
इसी अभियान के दौरान होसकोटे में जेप्टो के वेयरहाउस का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने यहां भी खाद्य पदार्थों के रखरखाव और स्वच्छता को लेकर गंभीर कमियां दर्ज कीं। वेयरहाउस की स्थिति को साफ-सफाई के लिहाज से संतोषजनक नहीं पाया गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि जेप्टो के वेयरहाउस से लिए गए किसी विशेष खाद्य उत्पाद की लैब रिपोर्ट सामने आई है या नहीं। इसी तरह कंपनी के खिलाफ अंतिम कानूनी कार्रवाई को लेकर भी अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में फिलहाल इस मामले को निरीक्षण के दौरान सामने आई स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा संबंधी चिंताओं के तौर पर देखा जा रहा है।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए खाद्य सामान की खरीदारी तेजी से बढ़ी है। लोग किराना सामान, पैकेज्ड फूड, दूध, फल, सब्जियां, स्नैक्स और अन्य खाद्य उत्पाद कुछ ही मिनटों में घर पर मंगाने लगे हैं। ग्राहक को सामान कुछ ही मिनट में मिल जाता है, लेकिन उसके पीछे वेयरहाउस और डार्क स्टोर में स्टोरेज, पैकेजिंग, तापमान नियंत्रण, सफाई और एक्सपायरी डेट की निगरानी जैसी कई प्रक्रियाएं होती हैं।
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी खाद्य कारोबार में केवल उत्पाद की गुणवत्ता ही महत्वपूर्ण नहीं होती, बल्कि उसे किस वातावरण में रखा गया है, यह भी उतना ही अहम है। विशेष रूप से जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के लिए उचित तापमान और स्वच्छ स्टोरेज व्यवस्था जरूरी होती है। यदि वेयरहाउस में साफ-सफाई की कमी हो या खाद्य पदार्थों को सही तरीके से स्टोर नहीं किया जाए, तो उनकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बढ़ सकती है।
कर्नाटक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से ऐसे मामलों में सख्ती बढ़ाई जा रही है। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य कारोबारियों पर दबाव बनाना ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना भी है। आने वाले दिनों में खाद्य पदार्थों की तैयारी, स्टोरेज और ऑनलाइन डिलीवरी से जुड़े केंद्रों पर निरीक्षण और बढ़ने की संभावना है।
वहीं, उपभोक्ताओं के लिए भी इस मामले से महत्वपूर्ण संदेश निकलता है। ऑनलाइन मंगाए गए खाद्य पदार्थ की पैकेजिंग फटी हुई हो, पैकेट खराब हो, एक्सपायरी डेट निकल चुकी हो या उत्पाद की गुणवत्ता संदिग्ध लगे तो उसे इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। ऐसी स्थिति में संबंधित कंपनी के कस्टमर केयर या खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत की जा सकती है।
फिलहाल जेप्टो के होसकोटे वेयरहाउस में सामने आई कमियों को लेकर आगे की कार्रवाई निरीक्षण और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी। किसी खाद्य उत्पाद के असुरक्षित साबित होने का अंतिम निष्कर्ष जांच या लैब रिपोर्ट के बाद ही निकाला जा सकेगा। लेकिन अधिकारियों द्वारा वेयरहाउस की स्वच्छता व्यवस्था पर उठाए गए सवालों ने क्विक-कॉमर्स कंपनियों के खाद्य स्टोरेज और हैंडलिंग सिस्टम को लेकर एक बार फिर गंभीर चर्चा जरूर शुरू कर दी है।
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