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कृषि, वेयरहाउस और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों पर हो फोकस, बजट पर एक्सपर्ट ने दिए सुझाव

SHIDDHANT
30 Jan 2026 7:56 PM IST
कृषि, वेयरहाउस और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों पर हो फोकस, बजट पर एक्सपर्ट ने दिए सुझाव
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Delhi दिल्ली। केंद्रीय बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से रविवार को पेश किया जाएगा। इसे लेकर हर सेक्टर की अपनी-अपनी उम्मीदें हैं, जिसे लेकर एक्सपर्ट्स अलग-अलग राय रख रहे हैं। अर्थशास्त्री मनोरंजन शर्मा ने कहा कि कृषि देश के लिए एक अहम क्षेत्र है। इसका अर्थव्यवस्था में 17 प्रतिशत का योगदान है और यह करीब देश के 48 प्रतिशत लोगों को रोजगार देता है। ऐसे सरकार को कृषि, वेयरहाउस और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों पर फोकस करना चाहिए।
शर्मा ने आगे गुरुवार को पेश हुए आर्थिक सर्वेक्षण पर कहा कि इसमें देश की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। यह देश की आर्थिक मजबूती को दिखाता है और भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बनाता है। भारत-ईयू ट्रेड डील पर उन्होंने कहा कि यह समझौता ऐसे समय पर हुआ है, जब अमेरिका ने भारत पर टैरिफ लगा दिए हैं और देश की निर्यात में इनकी हिस्सेदारी 17 प्रतिशत के आसपास थी। इससे दोनों क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को परिवर्तनकारी समझौता बताया। साथ ही कहा कि इससे देश के बाजारों का विस्तार होगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। प्रधानमंत्री कार्यकाल की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई पोस्ट में कहा गया कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ऐतिहासिक भारत-ईयू ट्रेड डील पर एक लेख लिखा है। यह समझौता पूरी तरह से विकसित भारत के विजन पर समर्पित है।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का सफल समापन वास्तव में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो यूपीए युग के विपरीत है, जहां समझौते जल्दबाजी में किए गए थे और भारत ने अकसर हासिल करने की तुलना में कहीं अधिक त्याग किया था। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौता हमारी अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों को मजबूत करेगा और समृद्धि को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व और रणनीतिक दूरदर्शिता के मार्गदर्शन में हुए समझौते भारत के मूल हितों को प्राथमिकता देते हुए बाजारों का विस्तार करते हैं, रोजगार सृजित करते हैं और आर्थिक विकास को गति देते हैं।
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