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Business : शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली से दबाव बना हुआ है। पिछले छह कारोबारी दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs ने करीब 45,000 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए हैं। सोमवार को बाजार की शुरुआत हल्की मजबूती के साथ हुई, लेकिन शुरुआती बढ़त कायम नहीं रह सकी। सुबह करीब 10 बजे के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दिखाई देने लगी। दोनों प्रमुख सूचकांक नीचे आ गए और शुरुआती कारोबार में दिखी मजबूती कमजोर पड़ गई।
कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 169.87 अंक यानी 0.23 प्रतिशत गिरकर 72,302.46 के स्तर पर आ गया। वहीं, निफ्टी 50 में 18.25 अंक यानी 0.08 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,551.50 के स्तर पर कारोबार करने लगा। इन आंकड़ों के मुताबिक, प्रतिशत के आधार पर सेंसेक्स में निफ्टी से अधिक गिरावट रही। हालांकि, दोनों सूचकांकों की गिरावट एक प्रतिशत से कम थी। बाजार में शुरुआती बढ़त के बाद आई कमजोरी ने कारोबार की दिशा बदल दी।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली इस समय बाजार पर दबाव का प्रमुख कारण बनी हुई है। छह कारोबारी दिनों में करीब 45,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जाने का आंकड़ा लगातार निकासी को दर्शाता है। यह राशि किसी एक कारोबारी दिन की बिकवाली नहीं, बल्कि छह दिनों का कुल आंकड़ा है। इसलिए इसे एक दिन में हुई बिक्री के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से लगातार शेयर बेचे जाने के बीच सोमवार को भी प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी दिखाई दी।
कुल बिकवाली की राशि को छह कारोबारी दिनों में बांटने पर प्रतिदिन औसतन करीब 7,500 करोड़ रुपये का आंकड़ा निकलता है। हालांकि, यह केवल गणितीय औसत है। इसका अर्थ यह नहीं है कि विदेशी निवेशकों ने प्रत्येक दिन इतनी ही राशि के शेयर बेचे। अलग-अलग कारोबारी दिनों की बिक्री का विवरण उपलब्ध नहीं है। दिए गए आंकड़ों से इतना स्पष्ट है कि छह दिनों की कुल बिकवाली करीब 45,000 करोड़ रुपये रही, जिसका दबाव शेयर बाजार के कारोबार पर बना हुआ है।
सोमवार की कारोबारी शुरुआत में बाजार ने हल्की मजबूती दिखाई थी। शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांकों का रुख सकारात्मक रहा, लेकिन सुबह करीब 10 बजे के बाद स्थिति बदलने लगी। सेंसेक्स और निफ्टी नीचे आने लगे तथा शुरुआती बढ़त टिक नहीं सकी। इस तरह सुबह के कारोबार में बाजार ने मजबूती और गिरावट, दोनों स्थितियां देखीं। उपलब्ध जानकारी में दिन के शुरुआती हिस्से का यही बदलाव सामने आया है। कारोबार समाप्त होने के समय सूचकांक किस स्तर पर रहे, उसका विवरण इसमें शामिल नहीं है।
सेंसेक्स की बात करें तो 169.87 अंकों की गिरावट के बाद इसका स्तर 72,302.46 रहा। सूचकांक में कमजोरी आने के बावजूद उस समय यह 72,000 के ऊपर कारोबार कर रहा था। इसी तरह निफ्टी 50 गिरावट के बाद भी 22,500 के ऊपर बना रहा। निफ्टी का दर्ज स्तर 22,551.50 था। ये स्तर कारोबार के दौरान की स्थिति बताते हैं। इन्हें दिन का अंतिम बंद स्तर मानना सही नहीं होगा, क्योंकि दिए गए आंकड़े बाजार में जारी कारोबार से संबंधित हैं।
दोनों सूचकांकों की तुलना करने पर गिरावट की तीव्रता में अंतर दिखाई देता है। सेंसेक्स 0.23 प्रतिशत नीचे था, जबकि निफ्टी में 0.08 प्रतिशत की कमजोरी रही। इस आधार पर सेंसेक्स की प्रतिशत गिरावट निफ्टी से 0.15 प्रतिशत अंक अधिक थी। अंकों के आधार पर भी सेंसेक्स में बड़ी गिरावट दर्ज हुई। हालांकि, दोनों सूचकांकों के आधार स्तर अलग हैं, इसलिए उनके प्रदर्शन की तुलना में प्रतिशत बदलाव अधिक स्पष्ट तस्वीर देता है। सोमवार के दिए गए आंकड़ों में दोनों का रुख नीचे की ओर रहा।
विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिक्री और सोमवार के सूचकांक स्तर बाजार की दो अलग समय अवधियों की तस्वीर सामने रखते हैं। लगभग 45,000 करोड़ रुपये की बिकवाली पिछले छह कारोबारी दिनों की है, जबकि सेंसेक्स और निफ्टी की गिरावट सोमवार के कारोबार की स्थिति बताती है। दोनों आंकड़ों को इसी संदर्भ में समझना जरूरी है। छह दिनों की पूरी बिकवाली को सोमवार की बिक्री नहीं कहा जा सकता। सोमवार को विदेशी निवेशकों ने अलग से कितनी बिक्री की, इसका आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
उपलब्ध विवरण में किसी विशेष कंपनी के शेयर, क्षेत्रवार प्रदर्शन या घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी की जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए इस गिरावट के आधार पर सभी कंपनियों के शेयरों में समान कमजोरी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। प्रमुख सूचकांकों में गिरावट बाजार के समग्र रुख का संकेत देती है, लेकिन अलग-अलग शेयरों का प्रदर्शन भिन्न हो सकता है। फिलहाल सामने आई तस्वीर यही है कि विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच सोमवार की शुरुआती मजबूती कायम नहीं रही और सेंसेक्स तथा निफ्टी गिरावट के साथ कारोबार करने लगे।
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