भारतीय रेलवे के कारण छोटे इलाकों में बढ़ रही किसानों की आमदनी

नई दिल्ली: कृषि उपज को उचित बाजार मिले तो उत्पादन दोगुना हो जाता है. मराठवाड़ा में जालना जिले को मौसंबी जिले के रूप में जाना जाता है यह के अच्छे वातावरण के कारण जिले के खट्टे फलों का स्वाद ही अलग होता है. यहां के मौसंबी कि मांग महाराष्ट्र के साथ अन्य राज्यों से भी होती है.खट्टे फलों के उचित बाजार की आवश्यकता को समझते हुए शुरू की गई किसान रेल (Kisan Rail) ने सही मायनों में इससे किसानों को लाभ पहुंचाना शुरू कर दिया है इस साल किसानों को विपरीत परिस्थितियों में इसकी आवश्यकता पड़ी थीं.वहीं, खट्टे फलों की कटाई के साथ ही किसान रेल के शुरू होने से सही बाजार और माल के समय पर परिवहन से किसानों (Farmer)की आय में वृद्धि हो रही है.इस सीजन में तीन किसान रेलवे चली है जिसमें 10 टन से ज्यादा मौसंबी दूसरे राज्य,और अन्य जगहों पर माल पहुचा है.इस सुविधा से मौसंबी (Sweet lemon) फल को कम कीमत पर बाजारो में पहुंचाया जा रहा हैं.
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