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डाक चैनल के माध्यम से निर्यात करने पर भी मिलेंगे एक्सपोर्ट बेनिफिट्स, एमएसएमई को होगा फायदा

SHIDDHANT
20 Jan 2026 8:19 PM IST
डाक चैनल के माध्यम से निर्यात करने पर भी मिलेंगे एक्सपोर्ट बेनिफिट्स, एमएसएमई को होगा फायदा
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Delhi दिल्ली। डाक के माध्यम से निर्यात करने वाले एमएसएमई उद्योगों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने डाक चैनल के माध्यम से होने पर निर्यात को निर्यात लाभों से जोड़ दिया है। यह जानकारी संचार मंत्रालय की ओर से मंगलवार को दी गई। इससे उन छोटे उद्योगों को फायदा होगा, जो कि निर्यात करने के लिए डाक चैनलों का इस्तेमाल करते हैं।
संचार मंत्रालय ने बयान में कहा, "डाक विभाग (डीओपी) ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) द्वारा जारी अधिसूचनाओं का पालन करते हुए डाक चैनल के माध्यम से किए गए निर्यातों के लिए शुल्क वापसी, निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों में छूट (आरओडीटीईपी) तथा राज्य और केंद्रीय करों एवं शुल्कों पर छूट (आरओएससीटीएल) जैसे निर्यात लाभों को 15 जनवरी, 2025 से लागू कर दिया है।"
सरकार के मुताबिक,यह पहल निर्यात तक पहुंच को सरल बनाने और व्यापक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, खासकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), कारीगरों, स्टार्टअप और छोटे निर्यातकों के लिए जो कम और मध्यम मूल्य के अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट के लिए डाक नेटवर्क पर बहुत अधिक निर्भर हैं। स्वचालित आईजीएसटी रिफंड पहले से लागू होने के कारण, डाक चैनल के माध्यम से निर्यात प्रोत्साहन की उपलब्धता लागत को और कम करती है, तरलता में सुधार करती है और भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाती है।
मंत्रालय ने बताया कि डाक चैनल के माध्यम से निर्यात को डाक विभाग और सीबीईसी की एक संयुक्त पहल डाक घर निर्यात केंद्र (डीएनके) के माध्यम से सुगम बनाया जाता है, जो एक ही छत के नीचे शुरू से अंत तक निर्यात सुविधा प्रदान करते हैं। वर्तमान में, देश भर में 1,013 डीएनके संचालित हैं, जो दूरदराज और वंचित क्षेत्रों से निर्यातकों को बुकिंग, डिजिटल दस्तावेजीकरण और निर्बाध सीमा शुल्क निकासी के माध्यम से वैश्विक बाजारों तक पहुंच प्रदान करते हैं।
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