
वर्ल्ड | रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच, रूस पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा बयान दिया है। उन्होंने धमकी दी है कि अगर रूस ने यूक्रेन में हिंसा बंद नहीं की, तो वे रूसी तेल के आयातकों पर 50% तक का टैरिफ लगा सकते हैं। इस स्थिति का सीधा असर भारत के पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है। आइए समझते हैं, ट्रंप की धमकी और पुतिन की जिद के चलते भारत में पेट्रोल की कीमत 125 रुपये तक पहुंच सकती है या नहीं।
ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार और वैश्विक आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है। यदि रूस पर टैरिफ लगाया जाता है, तो रूस का तेल महंगा हो जाएगा और भारत जैसे देशों को महंगे दामों पर तेल खरीदना पड़ेगा। रूस, भारत का एक प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता है, और यदि इस पर टैरिफ लगता है, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत पहले ही उच्चतम स्तर पर हैं, और रूस पर टैरिफ का प्रभाव इनकी कीमतों को और बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रूस के तेल पर टैरिफ लागू होता है, तो भारत में पेट्रोल की कीमत 125 रुपये तक जा सकती है, खासकर यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी होती है।
पुतिन की जिद और वैश्विक संकट
रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते पहले ही तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो चुकी है, और पुतिन की जिद इस संकट को और गहरा कर रही है। रूस का तेल उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हुआ है, और पश्चिमी देशों ने इस पर प्रतिबंध भी लगाए हैं। इस स्थिति का भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर भारी असर पड़ सकता है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है।
निष्कर्ष
अगर रूस पर 50% टैरिफ लगाया जाता है, तो भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें और बढ़ सकती हैं, जिससे आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसके अलावा, वैश्विक तेल संकट और यूक्रेन युद्ध के चलते, भारत को अपनी ऊर्जा नीति पर पुनर्विचार करना होगा ताकि तेल के आयात पर निर्भरता कम की जा सके और कीमतों को स्थिर रखा जा सके।





