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ईपीएफओ ने सदस्यों को अनधिकृत एजेंटों से संपर्क न करने की दी सलाह

jantaserishta.com
16 Jun 2025 5:23 PM IST
ईपीएफओ ने सदस्यों को अनधिकृत एजेंटों से संपर्क न करने की दी सलाह
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नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने सभी सदस्यों को अनधिकृत एजेंटों और कंपनियों के जरिए ईपीएफओ की सेवाएं लेने पर सतर्क रहने की सलाह दी है। इसकी वजह थर्ड पार्टी के पास सदस्यों का फाइनेंशियल डेटा पहुंचना है। यह जानकारी सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई।
ईपीएफओ ने कहा कि इन एजेंट और कंपनियों को ईपीएफओ से मान्यता नहीं होती है। इससे सदस्यों के पर्सनल डेटा की सुरक्षा को खतरा भी पैदा होता है।
ईपीएफओ द्वारा जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि कई साइबरकैफे संचालक/फिनटेक कंपनियां ईपीएफओ सदस्यों से उन सेवाओं के लिए बड़ी रकम वसूल रही हैं जो आधिकारिक तौर पर मुफ्त हैं। कई मामलों में ये संचालक केवल ईपीएफओ के ऑनलाइन शिकायत पोर्टल का उपयोग कर रहे हैं, जिसे कोई भी सदस्य अपने घर बैठे, मुफ्त में कर सकता है।
बयान में आगे कहा गया कि सदस्यों को ईपीएफओ से संबंधित सेवाओं के लिए तीसरे पक्ष की कंपनियों या एजेंटों के पास जाने या उनसे जुड़ने के खिलाफ चेतावनी दी जाती है क्योंकि इससे उनका वित्तीय डेटा तीसरे पक्ष की संस्थाओं के सामने आ सकता है। ये बाहरी संस्थाएं ईपीएफओ द्वारा अधिकृत नहीं हैं और वे अनावश्यक शुल्क ले सकती हैं या सदस्यों की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा से समझौता कर सकती हैं।
सरकारी एजेंसी ने आगे कहा कि ईपीएफओ अपने सभी सदस्यों, नियोक्ताओं और पेंशनभोगियों को ईपीएफओ पोर्टल और उमंग ऐप के माध्यम से उपलब्ध ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करने की सलाह देता है। दावा दाखिल करना, स्थानान्तरण, केवाईसी अपडेशन और शिकायत प्रक्रिया सहित सभी ईपीएफओ सेवाएं पूरी तरह से नि:शुल्‍क हैं और सदस्यों को उन सेवाओं के लिए तीसरे पक्ष के एजेंटों या साइबर कैफे को कोई शुल्क नहीं देना चाहिए, जिन्हें आसानी से ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकता है।
इसके अलावा, सदस्य किसी भी प्रकार की समस्या के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर सूचीबद्ध क्षेत्रीय कार्यालयों में ईपीएफओ हेल्पडेस्क/पीआरओ से संपर्क कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त बयान में कहा गया कि ईपीएफओ के पास एक मजबूत शिकायत निगरानी और निवारण प्रणाली है, जिसमें सदस्यों की शिकायतों को सीपीजीआरएएमएस या ईपीएफआईजीएमएस पोर्टल पर पंजीकृत किया जाता है और समयबद्ध तरीके से उनके समाधान होने तक उनकी निगरानी की जाती है। वित्त वर्ष 2024-25 में ईपीएफआईजीएमएस में कुल 16,01,202 शिकायतें और सीपीजीआरएएमएस में 1,74,328 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 98 प्रतिशत शिकायतों का समय सीमा के भीतर निवारण किया गया।
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