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प्याज चीनी के बाद अब अंडे हुए महंगे
नई दिल्ली: आम आदमी की रसोई पर महंगाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। प्याज और चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब अंडों के दाम भी तेजी से बढ़ने लगे हैं। प्रोटीन का सस्ता और आसान स्रोत माने जाने वाले अंडे अब कई परिवारों के बजट पर असर डाल रहे हैं। हाल के दिनों में अंडों की कीमतों में करीब 35 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अंडों की कीमत बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण पोल्ट्री फीड की बढ़ती लागत बताई जा रही है। मक्का और सोयाबीन जैसे प्रमुख खाद्य पदार्थों की कीमत बढ़ने से मुर्गी पालन का खर्च बढ़ गया है, जिसका सीधा असर अंडों के रेट पर पड़ा है।
अंडे के दाम में अचानक क्यों आई तेजी?
पोल्ट्री उद्योग में मुर्गियों के आहार की लागत कुल खर्च का बड़ा हिस्सा होती है। मक्का और सोयाबीन की कीमतों में बदलाव का असर सीधे अंडा उत्पादन पर पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, मक्का की बढ़ती मांग और सप्लाई में दबाव के कारण पोल्ट्री फीड महंगा हुआ है। इसके अलावा परिवहन खर्च और उत्पादन लागत बढ़ने से भी अंडों के भाव ऊपर गए हैं।
कितने महंगे हुए अंडे?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई शहरों में अंडे की खुदरा कीमत करीब 8.50 से 9 रुपये प्रति पीस तक पहुंच गई है। पिछले साल की तुलना में इसमें बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। इसका असर उन परिवारों पर ज्यादा पड़ रहा है, जो रोजाना नाश्ते या भोजन में अंडे को प्रोटीन के सस्ते विकल्प के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
प्रोटीन वाली थाली पर बढ़ा खर्च
अंडे को आमतौर पर कम कीमत में मिलने वाला पौष्टिक भोजन माना जाता है। लेकिन कीमत बढ़ने से अब छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और फिटनेस पसंद करने वालों का खर्च बढ़ गया है। जो लोग रोजाना 2-4 अंडे खाते हैं, उनके महीने के बजट में भी इसका असर दिखाई देने लगा है।
प्याज और चीनी के बाद बढ़ी चिंता
इससे पहले प्याज और चीनी जैसी जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है। खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पर दबाव बढ़ रहा है। मौसम, सप्लाई चेन और उत्पादन लागत में बदलाव का असर लगातार खाद्य पदार्थों की कीमतों पर पड़ रहा है।
आगे कैसी रह सकती है कीमत?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंडों की कीमतें आने वाले समय में पोल्ट्री फीड की कीमत, उत्पादन और मांग पर निर्भर करेंगी। अगर फीड लागत में राहत मिलती है तो कीमतों में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन फिलहाल उपभोक्ताओं को महंगे अंडों का सामना करना पड़ सकता है। महंगाई के इस दौर में आम लोगों के लिए अब रोजमर्रा की छोटी-छोटी जरूरतों का खर्च भी बढ़ता जा रहा है।
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