
x
फाइल फोटो
प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर, उनके कारोबारी पति और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोपों से जुड़े मसौदा दस्तावेज जमा किए.
जनता से रिश्ता वेबडेस्क। प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर (Chanda Kochhar), उनके कारोबारी पति और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोपों से जुड़े मसौदा दस्तावेज जमा किए.
मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के तहत गठित अदालत ने आईसीआईसीआई बैंक-वीडियोकॉन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय करने के लिए छह सितंबर की तारीख तय की है. मामले के अन्य आरोपियों में चंदा कोचर के पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन समूह के प्रवर्तक वेणुगोपाल धूत शामिल हैं.
दीपक कोचर को किया था गिरफ्तार
पिछले साल सितंबर में केंद्रीय जांच एजेंसी ने दीपक कोचर को गिरफ्तार किया था. उसके बाद से वह जेल में हैं. विशेष पीएमएलए अदालत ने चंदा कोचर और धूत को अदालत में पेश होने के बाद क्रमश: फरवरी और मार्च में जमानत दे दी थी. इस मामले में दोनों आरोपियों को कभी गिरफ्तार नहीं किया गया है.
प्रवर्तन निदेशालय ने दीपक कोचर को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया था. निदेशालय ने कोचर, धूत और अन्य के खिलाफ केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दाखिल एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का आपराधिक मामला दर्ज किया था.
क्या है आरोप?
बता दें कि चंदा कोचर पर आरोप है कि उन्होंने वीएन धूत के वीडियोकॉन ग्रुप की कंपनियों को लोन देने में अपनी ऑफिशियल पॉजिशन का दुरुपयोग किया और अपने पति के जरिए से अनुचित लाभ लिया था.
Next Story





