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Delhivery ने बढ़ाया शिपिंग चार्ज D2C ब्रांड्स पर बढ़ेगा खर्च

nidhi
28 Aug 2026 1:15 PM IST
Delhivery ने बढ़ाया शिपिंग चार्ज D2C ब्रांड्स पर बढ़ेगा खर्च
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फेस्टिव सीजन
त्योहारी सीजन से पहले देश की प्रमुख लॉजिस्टिक्स कंपनी Delhivery ने डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड्स के लिए शिपिंग चार्ज में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी ने 1 सितंबर 2026 से नए शुल्क लागू करने का फैसला लिया है, जिससे ऑनलाइन ब्रांड्स की डिलीवरी लागत बढ़ सकती है।
इस फैसले का असर खासतौर पर उन छोटे और मध्यम D2C कारोबारों पर पड़ सकता है, जो सीमित मार्जिन पर काम करते हैं और फेस्टिव सीजन में बड़ी संख्या में ऑर्डर भेजते हैं।
एक्सप्रेस और सरफेस शिपमेंट पर बढ़ा चार्ज
Delhivery ने अपने ग्राहकों को भेजे गए अपडेट में बताया है कि 1 सितंबर से हर एक्सप्रेस शिपमेंट पर 4 रुपये और सरफेस शिपमेंट पर 2 रुपये का अतिरिक्त नेटवर्क सरचार्ज लगाया जाएगा। यह शुल्क मौजूदा शिपिंग चार्ज के ऊपर लागू होगा।
कंपनी ने इस बदलाव के पीछे एविएशन फ्यूल की बढ़ती कीमत, सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों और डिलीवरी नेटवर्क की बढ़ती लागत को कारण बताया है।
फेस्टिव सीजन में बढ़ेगा दबाव
सितंबर से शुरू होने वाले त्योहारी खरीदारी सीजन में ई-कॉमर्स और D2C कंपनियों के ऑर्डर तेजी से बढ़ते हैं। ऐसे समय में लॉजिस्टिक्स लागत में छोटी बढ़ोतरी भी ब्रांड्स के कुल खर्च पर बड़ा असर डाल सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जिन कंपनियों के हजारों-लाखों ऑर्डर रोजाना भेजे जाते हैं, उनके लिए प्रति पैकेज कुछ रुपये की बढ़ोतरी भी बड़ी लागत में बदल सकती है।
D2C ब्रांड्स के मार्जिन पर असर
D2C कंपनियां पहले ही विज्ञापन, वेयरहाउसिंग, रिटर्न और ग्राहक अधिग्रहण जैसी लागतों का सामना कर रही हैं। शिपिंग खर्च बढ़ने से उन्हें या तो अपने मार्जिन में कटौती करनी पड़ सकती है या ग्राहकों पर अतिरिक्त डिलीवरी शुल्क डालना पड़ सकता है।
छोटे कारोबारों के लिए यह चुनौती और बड़ी हो सकती है, क्योंकि उनके पास बड़े विक्रेताओं जैसी लागत कम करने की क्षमता नहीं होती।
ई-कॉमर्स सेक्टर में बढ़ रही लागत
Delhivery का यह कदम ऐसे समय आया है जब बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी विक्रेताओं से जुड़े शुल्क और नियमों में बदलाव कर रहे हैं। इससे ऑनलाइन कारोबारियों पर लागत का दबाव बढ़ने की चिंता जताई जा रही है।
कंपनियां अपनाएंगी नई रणनीति
शिपिंग लागत बढ़ने के बाद कई D2C ब्रांड्स मल्टी-कूरियर मॉडल, बेहतर इन्वेंट्री मैनेजमेंट और स्थानीय वेयरहाउस जैसी रणनीतियों पर ध्यान दे सकते हैं।
फेस्टिव सीजन में समय पर डिलीवरी और कम लागत बनाए रखना ब्रांड्स के लिए बड़ी चुनौती होगी।
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