
Business बिजनेस : गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (Garden Reach Shipbuilders & Engineers - GRSE) को केंद्र सरकार की ओर से नवरत्न कंपनी का दर्जा प्रदान किया गया है। यह दर्जा वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज (DPE) द्वारा जारी किया गया है। इस संबंध में कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को भी आधिकारिक जानकारी दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, GRSE को यह प्रतिष्ठित नवरत्न का दर्जा 19 जून 2026 को प्रदान किया गया है।
नवरत्न का दर्जा किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है। यह स्टेटस उन चुनिंदा सरकारी कंपनियों को दिया जाता है, जो वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन के मानकों पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करती हैं। इस दर्जे के मिलने के बाद कंपनी को कई प्रकार की वित्तीय और प्रशासनिक स्वतंत्रताएं प्राप्त हो जाती हैं।
नवरत्न दर्जा मिलने के बाद GRSE जैसी पब्लिक सेक्टर कंपनियों को बड़े निवेश और प्रोजेक्ट्स को लेकर निर्णय लेने में अधिक स्वतंत्रता मिलती है। अब कंपनी को अपने स्तर पर अधिक वित्तीय फैसले लेने की अनुमति होगी, जिससे परियोजनाओं की गति तेज होने और दक्षता बढ़ने की संभावना रहती है।
गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स भारत की प्रमुख शिपबिल्डिंग कंपनियों में से एक है, जो मुख्य रूप से भारतीय नौसेना और अन्य रक्षा आवश्यकताओं के लिए जहाजों का निर्माण करती है। कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण रक्षा परियोजनाओं पर काम किया है और देश की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नवरत्न का दर्जा मिलने से कंपनी की बाजार में साख और भी मजबूत होगी। इसके साथ ही निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा, जिससे भविष्य में कंपनी के विकास और विस्तार की संभावनाएं और अधिक बेहतर हो सकती हैं। यह दर्जा कंपनी को रणनीतिक निर्णय लेने में अधिक लचीलापन भी प्रदान करता है।
सरकारी नीति के अनुसार, नवरत्न कंपनियों को 1000 करोड़ रुपये तक के निवेश निर्णय लेने की स्वतंत्रता होती है, बिना किसी अतिरिक्त सरकारी मंजूरी के। इससे कंपनियां तेजी से प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ा सकती हैं और प्रतिस्पर्धी बाजार में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।
GRSE को यह दर्जा मिलना भारतीय रक्षा उत्पादन क्षेत्र के लिए भी एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। इससे मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। घरेलू स्तर पर शिपबिल्डिंग क्षमता को बढ़ावा देने में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
कुल मिलाकर, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स को नवरत्न का दर्जा मिलना कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे न केवल कंपनी की कार्यक्षमता और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होगा, बल्कि यह भारत के रक्षा और शिपबिल्डिंग सेक्टर को भी नई दिशा देने में मदद करेगा।





