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एसबीआई ने प्रभावित ग्राहकों को भेजी सूचना
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने उन ग्राहकों को सूचित किया है, जिनकी जानकारी हाल ही में हुए डेटा लीक में शामिल थी। हालांकि बैंक ने ऐसे ग्राहकों की सटीक संख्या नहीं बताई है, लेकिन पहले उसने कहा था कि डार्क वेब पर लगभग 3.75 लाख रिकॉर्ड मिले हैं, जिनमें से 3,897 रिकॉर्ड में ऐसी जानकारी थी जिससे किसी व्यक्ति की पहचान की जा सकती है।
ग्राहकों को ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए इस साइबर घटना के बारे में जानकारी दी गई है।
बैंक ने एक बयान में कहा, "हाल ही में हुई साइबर घटना के संबंध में, बैंक ने उन सभी ग्राहकों को ईमेल और/या व्हाट्सएप के जरिए अलग-अलग सूचित कर दिया है, जिनका डेटा इस मामले में शामिल पाया गया था।"
https://t.co/lrIZtM5nnQ
— State Bank of India (@TheOfficialSBI) October 23, 2026
बैंक ने यह भी कहा कि प्रभावित ग्राहकों के खाते में मौजूद बैलेंस और फंड सुरक्षित हैं। "हम फिर से स्पष्ट करते हैं कि आपके खाते का बैलेंस और फंड हमारे पास सुरक्षित हैं।"
बैंक ने अपने सभी ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग के सुरक्षित तरीकों का पालन करने और किसी के साथ भी अपना OTP और पासवर्ड साझा न करने की सलाह दी है।
बैंक ने कहा, "ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे डिजिटल बैंकिंग के सुरक्षित तरीकों का पालन करें, अपना OTP, PIN या पासवर्ड कभी भी किसी के साथ साझा न करें, और संदिग्ध कॉल, संदेशों तथा ईमेल को लेकर सतर्क रहें।"
देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक, 3,897 ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी से जुड़े एक संदिग्ध डेटा लीक की जांच कर रहा है। इस घटना ने वित्तीय धोखाधड़ी, पहचान की चोरी (identity theft) और बैंकिंग जानकारी की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
SBI ने डार्क वेब पर मिले लगभग 3.75 लाख रिकॉर्ड की जांच की और 3,897 ऐसे रिकॉर्ड की पहचान की, जिनमें ग्राहकों की व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी शामिल थी।
SBI की जांच के अनुसार, लीक हुए रिकॉर्ड में ग्राहकों के नाम, मोबाइल नंबर, जन्म तिथि, ईमेल पते, घर के पते और लोन से जुड़ी जानकारी शामिल है।
बैंक ने अपनी साइबर सुरक्षा घटना प्रतिक्रिया प्रक्रिया (cybersecurity incident response procedures) को सक्रिय कर दिया है और मामले की जांच के लिए CERT-In द्वारा मान्यता प्राप्त एक स्वतंत्र एजेंसी को नियुक्त किया है।
SBI का कहना है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन या व्यावसायिक निरंतरता पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।
हालांकि, जांचकर्ता अभी भी इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि यह डेटा लीक कितना असली है, इसका स्रोत क्या है और यह किस हद तक फैला है।
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