
World वर्ल्ड: चेक गणराज्य की एक अदालत ने बिजली कंपनी CEZ को दक्षिण कोरियाई फर्म KHNP के साथ 18 अरब डॉलर की परमाणु संयंत्र निर्माण डील पर साइन करने से रोक दिया है। यह विवाद डुकोवनी न्यूक्लियर प्लांट के विस्तार से जुड़ा है, जिसमें दो 1,000 मेगावाट की यूनिट्स बनाई जानी हैं। यह चेक इतिहास की सबसे बड़ी सार्वजनिक निविदा है और कोयला आधारित ऊर्जा को चरणबद्ध रूप से हटाने की रणनीति का हिस्सा है।
EDF ने चेक प्रतिस्पर्धा आयोग (UOHS) के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें उसकी निविदा को खारिज कर दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि यदि CEZ और KHNP के बीच डील अभी साइन होती है, तो EDF को भविष्य में न्यायिक राहत मिलने पर भी उसका फायदा नहीं होगा।
सरकार ने हाल ही में इस प्रोजेक्ट के लिए बनाई गई CEZ की सब्सिडियरी EDU II में 80% हिस्सेदारी लेने का फैसला किया है, जिससे CEZ पर वित्तीय दबाव कम होगा।CEZ और सरकार ने दावा किया है कि KHNP की पेशकश ज्यादातर मापदंडों में बेहतर थी, जबकि EDF ने यूरोपीय आयोग में भी मामला दर्ज किया है।





