
Business बिजनेस: चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने सोमवार को केंद्र सरकार से अपील की है कि सभी राज्य सरकारों को पेट्रोल और डीज़ल पर 5 प्रतिशत का समान वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) लगाने के लिए निर्देश जारी किए जाएं। संगठन का कहना है कि इससे देशभर में ईंधन की कीमतों में समानता आएगी और उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।
CTI ने केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को एक पत्र भी भेजा है। इस पत्र में कहा गया है कि बढ़ती ईंधन कीमतों के कारण आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, जिसे कम करने के लिए एक समान कर प्रणाली आवश्यक है।
CTI ने अपने प्रस्ताव में सुझाव दिया है कि यह व्यवस्था कम से कम अगले तीन महीनों के लिए लागू की जाए। संगठन का मानना है कि यदि सभी राज्य सरकारें 5 प्रतिशत VAT की एक समान दर अपनाती हैं, तो इससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता आएगी और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
इंडस्ट्री बॉडी ने यह भी कहा है कि वर्तमान में अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग टैक्स दरों के कारण ईंधन की कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिलता है, जिससे आर्थिक असंतुलन पैदा होता है और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर भी असर पड़ता है।
CTI ने केंद्रीय मंत्री से यह भी अनुरोध किया है कि इस प्रस्ताव पर विचार करने के लिए सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों की एक आपात बैठक बुलाई जाए। संगठन का कहना है कि एक संयुक्त निर्णय से ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।
उद्योग प्रतिनिधियों का मानना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें सीधे तौर पर महंगाई को प्रभावित करती हैं, इसलिए टैक्स संरचना में एकरूपता लाना जरूरी है। इससे न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि व्यापार और परिवहन लागत भी नियंत्रित हो सकेगी।
फिलहाल इस प्रस्ताव पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह मुद्दा अब नीति स्तर पर चर्चा में आ सकता है।





