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US-ईरान वार्ता के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, वैश्विक आपूर्ति चिंता हुई कम

Kavita2
22 Jun 2026 11:10 AM IST
US-ईरान वार्ता के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, वैश्विक आपूर्ति चिंता हुई कम
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Business बिजनेस: स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत के समापन के बाद सोमवार को अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। इस वार्ता के बाद ईरान ने तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर छूट देने का संकेत दिया, जिससे वैश्विक बाजार में आपूर्ति को लेकर बनी चिंता में कमी आई है।

ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में सोमवार को तेज गिरावट देखी गई। 0656 GMT तक ब्रेंट क्रूड 1.53 डॉलर यानी 1.90 प्रतिशत गिरकर 79.04 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इससे पहले कारोबार की शुरुआत में कीमतें 82.30 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, जब बाजार में भू-राजनीतिक तनाव के चलते तेजी से देखी गई थी।

शुरुआती कारोबार में कीमतों में उतार-चढ़ाव का कारण अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण बयानबाजी रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान पर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी और ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी थी, जिससे कच्चे तेल की कीमतें ऊपर चली गई थीं।

डोनाल्ड ट्रम्प की टिप्पणी के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में समीक्षा की गई, लेकिन बाद में बातचीत के सकारात्मक विश्लेषण ने बाजार की दिशा बदल दी।

होर्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है, और इसके बंद होने या बाधित होने के खतरे से पहले ही बाजार में तेजी से प्रतिक्रिया देखने को मिलती है।

अमेरिकी कच्चे तेल के बाजार में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। West Texas Intermediate वायदा सोमवार को अनुबंध समाप्ति से पहले 7 सेंट की गिरावट के साथ 76.53 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। वहीं अधिक सक्रिय अगस्त अनुबंध 55 सेंट गिरकर 75.30 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

शुक्रवार को अवकाश के कारण अमेरिकी बाजार में कोई आधिकारिक निपटान नहीं हुआ था, जिससे सोमवार के कारोबार में उतार-चढ़ाव और अधिक स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में यह गिरावट वैश्विक आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं के कम होने का संकेत है। ईरान द्वारा निर्यात पर छूट दिए जाने के संकेत से बाजार में सप्लाई स्थिर रहने की उम्मीद बढ़ी है, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ा है।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि भू-राजनीतिक स्थिति अभी पूरी तरह स्थिर नहीं है और किसी भी नए घटनाक्रम का असर तुरंत तेल बाजार पर दिखाई दे सकता है। इसलिए आने वाले दिनों में कीमतों में फिर से उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रह सकती है।

कुल मिलाकर, अमेरिका-ईरान वार्ता के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में राहत के संकेत मिले हैं और कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने निवेशकों को अस्थायी स्थिरता का एहसास कराया है।

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