
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनियों में शामिल इंडिगो (InterGlobe Aviation Ltd.) ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने अप्रैल से जून 2026 की अवधि में 382 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया है। पिछले साल इसी अवधि में इंडिगो को 2,161 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। हालांकि कंपनी के राजस्व में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, लेकिन विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों और अन्य खर्चों में भारी वृद्धि के कारण मुनाफा घाटे में बदल गया।
इंडिगो की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का परिचालन से राजस्व 20 प्रतिशत बढ़कर 24,584 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का राजस्व 20,496 करोड़ रुपये था। कंपनी ने बताया कि यात्रियों की संख्या और नेटवर्क विस्तार के कारण आय में वृद्धि हुई है, लेकिन लागत बढ़ने से वित्तीय प्रदर्शन प्रभावित हुआ।
कंपनी के खर्चों में इस दौरान करीब 35.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। सबसे बड़ा असर विमान ईंधन की लागत बढ़ने से पड़ा। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तेजी के कारण इंडिगो का ईंधन खर्च करीब 86 प्रतिशत बढ़कर 10,830 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर एयरलाइन कंपनियों की लागत पर पड़ता है, क्योंकि विमान संचालन का सबसे बड़ा खर्च ईंधन होता है।
इंडिगो के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया ने कहा कि कंपनी को इस तिमाही में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। बढ़ती ईंधन लागत, विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण परिचालन पर दबाव बढ़ा। उन्होंने कहा कि कंपनी भविष्य की अनिश्चितताओं के बीच क्षमता विस्तार, लागत नियंत्रण और मजबूत नेटवर्क तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
कंपनी के अनुसार, रुपये की कमजोरी और डॉलर की मजबूती ने भी खर्चों को प्रभावित किया। एयरलाइन कंपनियों के कई खर्च विदेशी मुद्रा से जुड़े होते हैं, जिसमें विमान किराया, रखरखाव और अन्य सेवाएं शामिल हैं। ऐसे में मुद्रा विनिमय दर में बदलाव से कंपनियों की लागत बढ़ जाती है।
मध्य पूर्व में चल रहे तनाव का असर भी इंडिगो के संचालन पर पड़ा। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के नेटवर्क में बदलाव और कुछ मार्गों पर परिचालन संबंधी चुनौतियों के कारण कंपनी को अतिरिक्त दबाव का सामना करना पड़ा।
इसके बावजूद इंडिगो का परिचालन प्रदर्शन मजबूत रहा। कंपनी ने पहली तिमाही में करीब 3.13 करोड़ यात्रियों को अपनी सेवाएं दीं। इंडिगो का बेड़ा बढ़कर 432 विमानों का हो गया है। कंपनी वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 2,298 उड़ानों का संचालन कर रही है। इनमें 97 घरेलू और 46 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शामिल हैं।
एयरलाइन क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। इंडिगो लगातार अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है और नए अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर सेवाएं शुरू कर रही है। कंपनी का लक्ष्य यात्रियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ परिचालन लागत को नियंत्रित करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक परिस्थितियों के आधार पर एयरलाइन कंपनियों के प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है। हालांकि इंडिगो की मजबूत बाजार हिस्सेदारी और बड़ा नेटवर्क कंपनी को प्रतिस्पर्धा में आगे बनाए रखने में मदद कर सकता है।
पहली तिमाही में घाटे के बावजूद राजस्व में वृद्धि इंडिगो के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। अब कंपनी की नजर आने वाली तिमाहियों में लागत कम करने और परिचालन दक्षता बढ़ाकर दोबारा मुनाफे की स्थिति हासिल करने पर होगी।





