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Tax नियम तोड़ने वालों पर गिरेगी गाज, निर्मला सीतारमण ने दिए आदेश

Ratna Netam
25 July 2026 2:48 PM IST
Tax  नियम तोड़ने वालों पर गिरेगी गाज, निर्मला सीतारमण ने दिए आदेश
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नई दिल्ली : इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की अंतिम तारीख नजदीक आते ही देशभर में टैक्सपेयर्स के बीच रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। बड़ी संख्या में लोग समय सीमा खत्म होने से पहले अपना आईटीआर जमा करने में जुटे हुए हैं। इसी बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्सपेयर्स और आयकर विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आयकर विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ईमानदार टैक्सपेयर्स के लिए टैक्स प्रक्रिया को और आसान बनाया जाए, जबकि जानबूझकर टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

वित्त मंत्री ने कहा कि टैक्स व्यवस्था का उद्देश्य केवल राजस्व जुटाना नहीं होना चाहिए, बल्कि टैक्सपेयर्स के साथ भरोसे और सहयोग का संबंध बनाना भी जरूरी है। उन्होंने आयकर अधिकारियों से कहा कि विभाग का नजरिया ऐसा होना चाहिए, जिसमें ईमानदार करदाताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि वास्तविक गलतियों को सुधारने का अवसर दिया जाना चाहिए, लेकिन जो लोग जानबूझकर टैक्स चोरी करते हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है।

निर्मला सीतारमण ने आयकर अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि टैक्स कानूनों के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल हमेशा विनम्रता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि टैक्सपेयर केवल टैक्स आकलन की एक इकाई नहीं है, बल्कि वह देश का नागरिक होने के साथ-साथ राष्ट्र के विकास में योगदान देने वाला साझेदार भी है।

वित्त मंत्री ने टैक्स विवादों को कम करने और टैक्स व्यवस्था में निश्चितता बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब टैक्स नियमों को लेकर स्पष्टता होगी और प्रक्रियाएं सरल होंगी तो टैक्सपेयर्स का भरोसा बढ़ेगा। इससे देश में स्वैच्छिक रूप से टैक्स जमा करने की प्रवृत्ति को भी बढ़ावा मिलेगा।

आयकर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा आईटीआर दाखिल करने के सत्र में 21 जुलाई तक 3.2 करोड़ से अधिक इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 94 प्रतिशत रिटर्न का वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है, जबकि करीब 60 प्रतिशत रिटर्न का प्रोसेसिंग या सैटलमेंट भी किया जा चुका है।

इसके अलावा इस अवधि में 1.3 करोड़ से अधिक टैक्स रिफंड के दावे किए गए हैं। इनमें से करीब 96 प्रतिशत रिफंड क्लेम का वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है और लगभग 40 प्रतिशत मामलों का निपटारा भी किया जा चुका है। वित्त मंत्री ने रिफंड प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि समय पर रिफंड मिलने से टैक्सपेयर्स का विश्वास मजबूत होता है और उनकी आर्थिक स्थिति को भी सहारा मिलता है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक टैक्स व्यवस्था में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ने से रिटर्न दाखिल करने और रिफंड जारी करने की प्रक्रिया पहले से आसान हुई है। सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि टैक्सपेयर्स को कम से कम परेशानी हो और सेवाएं अधिक पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जाएं।

वित्त मंत्री के इस बयान को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख नजदीक है और लाखों टैक्सपेयर्स अपना रिटर्न जमा करने की तैयारी कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि ईमानदार करदाताओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और टैक्स चोरी करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई के जरिए टैक्स व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए।

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