
व्यापार | सरकार ने दावा किया है कि हाल ही में उठाए गए सख्त कदमों के चलते साइबर क्राइम और स्पैम कॉलिंग में 97% तक की गिरावट आई है। डिजिटल फ्रॉड और ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने स्ट्रिक्ट एक्शन प्लान लागू किया था, जिसका असर अब दिखने लगा है।
कैसे काबू पाया गया साइबर क्राइम पर?
सरकार ने साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करने और फर्जी कॉल्स पर रोक लगाने के लिए कई नए कदम उठाए, जिनमें शामिल हैं:
AI-पावर्ड सिस्टम: संदेहास्पद गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया गया।
KYC वेरिफिकेशन: नए मोबाइल नंबर और डिजिटल वॉलेट्स के लिए सख्त KYC प्रोसेस लागू किया गया।
फर्जी कॉल्स पर पाबंदी: स्पैम कॉलिंग रोकने के लिए टेलीकॉम ऑपरेटर्स के साथ मिलकर नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया।
साइबर पुलिस की कड़ी निगरानी: ऑनलाइन धोखाधड़ी और डिजिटल अपराधों पर नजर रखने के लिए स्पेशल साइबर सेल्स बनाए गए।
फ्रॉड में आई बड़ी गिरावट
रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर क्राइम के मामलों में भारी कमी आई है:
स्पैम कॉलिंग 97% घटी
UPI और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन फ्रॉड में 85% की गिरावट
फिशिंग और ऑनलाइन ठगी के मामलों में 80% कमी
अभी भी सतर्क रहने की जरूरत
हालांकि, सरकार के इन दावों के बावजूद साइबर क्राइम पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि हैकर्स और फ्रॉडस्टर्स नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को गुमराह कर सकते हैं।
कैसे बचें साइबर फ्रॉड से?
अनजान नंबर से आए कॉल पर सतर्क रहें।
किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
UPI पिन और बैंक डिटेल्स किसी से शेयर न करें।
ऑफिशियल ऐप्स और वेबसाइट्स का ही इस्तेमाल करें।
सरकार का कहना है कि आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे ताकि साइबर अपराधों को पूरी तरह खत्म किया जा सके।





