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कंपनी को मिला मेगा प्रोजेक्ट शेयर बाजार में दिखा अलग रुख

Ratna Netam
21 Sept 2026 2:36 PM IST
कंपनी को मिला मेगा प्रोजेक्ट शेयर बाजार में दिखा अलग रुख
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बिजनेस : इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की प्रमुख कंपनी दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड (DBL) को महाराष्ट्र में बड़ा प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी को ₹1265 करोड़ के ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के लिए एल-1 बिडर घोषित किया गया है। इस बड़ी उपलब्धि के बावजूद सोमवार को कंपनी के शेयर में बहुत ज्यादा तेजी देखने को नहीं मिली और कारोबार के दौरान बढ़त सीमित रही।कंपनी को मिला यह प्रोजेक्ट बिजली ट्रांसमिशन से जुड़ा है, जिसमें महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में 400 किलोवोल्ट (kV) गैस इंसुलेटेड स्विचिंग स्टेशन (GIS) का निर्माण किया जाना है। यह परियोजना राज्य के अंदर बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से विकसित की जाएगी।
₹1265 करोड़ के प्रोजेक्ट से मजबूत होगी कंपनी की स्थिति
दिलीप बिल्डकॉन को यह प्रोजेक्ट REC पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (RECPDCL) की ओर से मिला है। कंपनी के एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में DBL का EPC हिस्सा करीब ₹1265 करोड़ का है, जो जीएसटी को छोड़कर है।इस परियोजना के तहत कंपनी को डिजाइन, इंजीनियरिंग, खरीद, निर्माण, टेस्टिंग, कमीशनिंग और ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस जैसे कई काम करने होंगे। प्रोजेक्ट को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना होगा, जिसके बाद ट्रांसमिशन सिस्टम लंबे समय तक संचालित किया जाएगा।
शेयर में क्यों नहीं दिखी बड़ी तेजी?
बड़ी खबर के बावजूद दिलीप बिल्डकॉन के शेयर में जोरदार उछाल नहीं आया। सोमवार को शुरुआती कारोबार में शेयर करीब 1.5 प्रतिशत तक चढ़कर ₹431.25 के स्तर तक पहुंचा, लेकिन बाद में तेजी कम हो गई और शेयर लगभग फ्लैट कारोबार करता नजर आया।बाजार में कई बार किसी कंपनी को बड़ा ऑर्डर मिलने के बाद भी शेयर की चाल केवल खबर पर निर्भर नहीं करती। निवेशक कंपनी की वित्तीय स्थिति, पुराने प्रदर्शन, कर्ज, ऑर्डर को पूरा करने की क्षमता और भविष्य की कमाई की संभावनाओं को भी ध्यान में रखते हैं।
निवेशकों की नजर ऑर्डर बुक पर
दिलीप बिल्डकॉन देश की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में शामिल है। कंपनी सड़क निर्माण, खनन, सिंचाई, रेलवे और बिजली क्षेत्र से जुड़े प्रोजेक्ट्स में काम करती है।नए प्रोजेक्ट मिलने से कंपनी की ऑर्डर बुक मजबूत हो सकती है। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सरकारी खर्च बढ़ने के साथ निर्माण कंपनियों को नए अवसर मिलने की उम्मीद रहती है। हालांकि, बड़े प्रोजेक्ट्स में समय पर काम पूरा करना और लागत नियंत्रण भी कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होती है।
BOOT मॉडल पर होगा प्रोजेक्ट
रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना को BOOT (Build Own Operate Transfer) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। दिलीप बिल्डकॉन को स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने और ट्रांसमिशन सर्विस प्रोवाइडर के रूप में काम करने के लिए चुना गया है।BOOT मॉडल में कंपनी परियोजना का निर्माण और संचालन करती है तथा तय अवधि के बाद इसे संबंधित व्यवस्था को हस्तांतरित किया जाता है। इससे कंपनियों को लंबे समय तक राजस्व हासिल करने का अवसर मिलता है।
शेयर का प्रदर्शन कैसा रहा?
दिलीप बिल्डकॉन के शेयर में इस साल उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का शेयर 52 हफ्तों के दौरान ₹585 के उच्च स्तर और ₹382.05 के निचले स्तर तक पहुंच चुका है।हालांकि, किसी भी शेयर का पिछला प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं होता। बाजार में शेयर की कीमत कंपनी के प्रदर्शन के साथ-साथ सेक्टर की स्थिति और निवेशकों की धारणा से भी प्रभावित होती है।
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बढ़ रहे मौके
भारत में बिजली, सड़क और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इसी वजह से इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के लिए नए प्रोजेक्ट्स के अवसर बढ़े हैं।बिजली ट्रांसमिशन से जुड़े प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि बढ़ती बिजली मांग और नए ऊर्जा स्रोतों को जोड़ने के लिए मजबूत नेटवर्क की जरूरत है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
दिलीप बिल्डकॉन को मिला ₹1265 करोड़ का प्रोजेक्ट कंपनी के लिए सकारात्मक खबर है, लेकिन शेयर बाजार में निवेश का फैसला केवल एक खबर के आधार पर नहीं लिया जाता। निवेशकों को कंपनी की आय, कर्ज, ऑर्डर बुक, प्रबंधन और बाजार परिस्थितियों का अध्ययन करना चाहिए।फिलहाल DBL का नया प्रोजेक्ट बाजार में चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन शेयर की आगे की दिशा कंपनी के प्रदर्शन और बाजार की चाल पर निर्भर करेगी।
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