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कॉग्निजेंट-ट्रैवलपोर्ट साझेदारी से AI ट्रांसफॉर्मेशन को बढ़ावा

Kavita2
29 May 2026 10:38 AM IST
कॉग्निजेंट-ट्रैवलपोर्ट साझेदारी से AI ट्रांसफॉर्मेशन को बढ़ावा
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Bengaluru बेंगलुरु : आईटी और ट्रैवल टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां Cognizant और Travelport मिलकर एक रणनीतिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ट्रांसफॉर्मेशन पर काम कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य ट्रैवल इंडस्ट्री में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, टेस्टिंग और मेंटेनेंस प्रक्रियाओं को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाना है।

इस सहयोग में AI स्टार्टअप Anthropic के क्लाउड तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे ट्रैवलपोर्ट अपने ट्रैवल रिटेलिंग और डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म को और अधिक स्मार्ट और ऑटोमेटेड बना सके। इसका फोकस इस बात पर है कि ट्रैवल इंडस्ट्री में काम करने वाली एयरलाइंस, होटल, ट्रैवल मैनेजमेंट कंपनियां और ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियां AI आधारित इनोवेशन का तेजी से लाभ उठा सकें।

इस साझेदारी का मुख्य लक्ष्य ट्रैवलपोर्ट के प्लेटफॉर्म में AI फीचर्स को गहराई से इंटीग्रेट करना है, ताकि ट्रैवल प्रोसेस को अधिक तेज, सटीक और यूजर-फ्रेंडली बनाया जा सके। इसके जरिए सिस्टम ऐसे कार्यों को भी ऑटोमेट कर सकेगा, जो अब तक ट्रैवल एजेंट्स को मैनुअल रूप से करने पड़ते थे।

नई तकनीक के जरिए एजेंट्स को बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी, जैसे कि सबसे कम जोखिम वाले फ्लाइट रूट्स और विकल्पों को तेजी से सामने लाना। उदाहरण के तौर पर, एक बिजनेस ट्रैवलर के लिए ऐसा रूट सुझाया जा सकता है जिसमें देरी या बाधा की संभावना कम हो, जिससे यात्रा अधिक भरोसेमंद बन सके।

इसके अलावा, यह सिस्टम एक्सचेंज और रीबुकिंग जैसी प्रक्रियाओं को भी ऑटोमेट करेगा और वर्कफ्लो में डिसरप्शन इंटेलिजेंस को शामिल करेगा। इसका मतलब यह है कि यात्रा में किसी भी प्रकार की बाधा या बदलाव की स्थिति में सिस्टम खुद ही वैकल्पिक समाधान सुझा सकेगा।

ट्रैवलपोर्ट के ग्राहकों के अनुसार, बड़े ट्रैवल मैनेजमेंट कंपनियों (TMCs) में यदि प्रत्येक एजेंट का सिर्फ एक घंटा प्रतिदिन बचाया जाए, तो सालाना स्तर पर लाखों डॉलर की उत्पादकता बढ़ सकती है। यह दिखाता है कि AI आधारित ऑटोमेशन से उद्योग में कितनी बड़ी आर्थिक दक्षता हासिल की जा सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की साझेदारी ट्रैवल इंडस्ट्री को पूरी तरह डिजिटल और AI-संचालित भविष्य की ओर ले जा रही है। इससे न केवल ऑपरेशनल लागत में कमी आएगी, बल्कि ग्राहकों को भी तेज और बेहतर सेवा अनुभव मिलेगा।

कुल मिलाकर, कॉग्निजेंट, ट्रैवलपोर्ट और एंथ्रोपिक की यह साझेदारी ट्रैवल टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक बड़े बदलाव की शुरुआत मानी जा रही है, जो आने वाले वर्षों में वैश्विक स्तर पर ट्रैवल सेवाओं के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल सकती है।

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