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कोचीन शिपयार्ड के शेयरों में गिरावट, सरकार के संभावित OFS की खबर का असर

Kavita2
22 Jun 2026 1:43 PM IST
कोचीन शिपयार्ड के शेयरों में गिरावट, सरकार के संभावित OFS की खबर का असर
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Business बिजनेस: 22 जून को कोचीन शिपयार्ड के सर्वे में करीब 2% की गिरावट देखने को मिली। यह गिरावट उस समय दर्ज की गई जब बाजार में यह खबर सामने आई कि सरकारी कंपनी में ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) लाने की तैयारी कर रही है। इस खबर के बाद इंजीनियरों में हल्की घबराहट देखी गई और सर्वे पर दबाव बन गया।

जानकारी के अनुसार, यह कदम सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSUs) में विनिवेश करके फंड जुटाने की योजना बनाई जा रही है। सरकार लंबे समय से अपने विनिवेश कार्यक्रम के जरिए रेवेन्यू बढ़ाने और कंपनियों में हिस्सेदारी कम करने की दिशा में काम कर रही है।

रिपोर्टों में कहा गया है कि प्रस्तावित OFS को मौजूदा बाजार कीमत से लगभग 6 से 8 प्रतिशत छूट पर पेश किया जा सकता है। इसी संभावित छूट को लेकर बाजार में चिंता बढ़ रही है, क्योंकि इंजीनियरों को खतरा है कि इससे शेयर की कीमतों पर और दबाव आ सकता है।

कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के सर्वे में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट करीब 2% तक पहुंच गई थी। हालांकि बाद में कुछ रिकवरी देखने को मिली और शेयर लगभग 1% नीचे आकर ₹1,444 प्रति शेयर के स्तर पर ट्रेड करते नजर आए। यह उतार-चढ़ाव इस बात का संकेत है कि बाजार इस खबर को लेकर अभी स्पष्ट दिशा में नहीं है।

बाजार विश्लेषकों का रुझान है कि OFS की संभावना से निवेशक बचे सतर्क रुख अपना रहे हैं। आम तौर पर पर OFS के दौरान सरकार अपनी इच्छुक बेचती है, जिससे बाजार में अतिरिक्त शेयर उपलब्ध हो जाते हैं। इससे प्राथमिक रूप से शेयर की कीमत पर दबाव पड़ सकता है, खासकर तब जब छूट पर ऑफर लाया जाए।

कोचीन शिपयार्ड एक प्रमुख शिपबिल्डिंग और मरम्मत कंपनी है, जो रक्षा और वाणिज्यिक जहाज निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सरकार की इसमें इच्छुक पहले से ही मौजूद है और विनिवेश प्रक्रिया के तहत समय-समय पर इसमें बदलाव किए जाते हैं।

विश्लेषणों के अनुसार, OFS की खबर के बाद निवेशकों की प्रतिक्रिया आम तौर पर अस्थिर होती है, क्योंकि एक तरफ सरकार की इच्छुक घटने से पर्यवेक्षण प्रबंधन पर प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी में अधिक सार्वजनिक भागीदारी बढ़ने की संभावना भी बनती है।

फिलहाल सरकार की तरफ से OFS को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन बाजार में चल रही इन अटकलों ने निवेश धारणा को प्रभावित किया है। आने वाले दिनों में यदि इस संबंध में कोई औपचारिक जानकारी सामने आती है, तो शेयर में और ज़्यादा हलचल देखने को मिल सकती है।

निवेशक और बाजार विशेषज्ञ अब सरकार की अगली घोषणा पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि यह कदम न केवल कंपनी के नतीजों को प्रभावित करेगा, बल्कि पूरे PSU विनिवेश कार्यक्रम की दिशा को भी स्पष्ट करेगा।

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